नई दिल्ली, एजेंसी। SIR पर विवाद के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि जिन लोगों के नाम कट गए हैं, वे नाम जोड़ने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अफसर घर-घर जाकर उनके दस्तावेज कलेक्ट करेंगे और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। इन पर तय समय के भीतर रीजनल इलेक्टोरल अफसर फैसला लेगा।
दिल्ली के निर्वाचन भवन में शनिवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी मौजूद रहे।
SIR के दौरान अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक देश में कुल 97.98 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं यानी करीब 14% वोटर्स के नाम SIR में कट गए।
दिल्ली-महाराष्ट्र में 30 अक्टूबर तक क्लेम कर सकेंगे
बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली, महाराष्ट्र में क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। दिल्ली में विवाद का निपटारा 30 नवंबर और महाराष्ट्र में निपटारा 10 नवंबर तक करना होगा।
गोवा में जिन वोटर्स का नाम छूट गया है, वहां ब्लॉक अफसर घर-घर जाकर फॉर्म-6 कलेक्ट करेगा।
SIR में अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है या छूट गया है तो फॉर्म-6 के जरिए नाम शामिल कराने का दावा किया जाता है। आयोग ने कहा कि फॉर्म-6 पर कोई विवाद है ही नहीं। फॉर्म-6 को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।
रिपोर्ट पर कहा- चुनाव आयुक्तों के लेटर SIR पर नहीं थे
पूरा विवाद द इंडियन एक्सप्रेस की जिस रिपोर्ट से शुरू हुआ, चुनाव आयोग ने उस पर भी सफाई दी। आयोग ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव को जो लेटर भेजा था, वह SIR या चुनाव आयोग के किसी फैसले से जुड़ा नहीं था, बल्कि चुनाव पैनल में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्तों के बीच असहमति के बीच EC ने कैबिनेट सचिव को लेटर लिखा है।
SIR को लेकर विवाद, कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया
यह मामला चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।
कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमानी कर रहे हैं और दो अन्य आयुक्तों की बात नहीं सुन रहे हैं। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया।
चुनाव से जुड़े कुछ आदेशों और कथित सॉफ्टवेयर बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है।
