कोरबा। पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है और कहा कि प्रदेश सरकार किसानों का धान खरीदना नहीं चाहती। उन्होंने पत्र में लिखा है-राईस मिलरों तीन वर्ष का भुगतान बाकी है। जिसके कारण प्रदेश के धान खरीदी केन्द्रों में जाम की स्थिति निर्मित हो गई है और अधिकंाश धान खरीदी केन्द्रों में धान की खरीदी बंद हो गई है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि राईस मिलरों का बकाया भुगतान कर सरकार और राईस मिलरों के मध्य सामंजस्य स्थापित करें, ताकि किसान अपना धान निर्विघ्र बेच सकें। उन्होंने पत्र में लिखा है कि प्रदेश सरकार की मंशा शायद धान खरीदी करने की नहीं है,जिसके कारण राईस मिलरों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
जहां एक ओर प्रदेश सरकार अपने एक साल पूरे होने का जनादेश परब मना रही है। मोदी गारंटी के सभी वादों को पूरा करने की बात कह कर स्वयं अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं बीजीपी सरकार के पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने राइस मिलर्स की हड़ताल के संबंध में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अपनी ही पार्टी की सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
शाह के रायपुर आगमन के ठीक पहले ननकी राम कंवर के लेटर बम से सत्ता पार्टी में खलबली मची हुई है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखे अपने पत्र में पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने राइस मिलर्स के हड़ताल की तरफ उनका ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कि ऐसा लगता है कि सरकार किसानों का धान खरीदना ही नहीं चाहती।
बता दें कि 16 दिसंबर से छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र होना है और कांग्रेस धान खरीदी मुद्दा में सरकार को घेर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार धान खरीदी में किसानों को गुमराह कर रही है। किसान परेशान हैं। कांग्रेस नेता खुद खरीदी केंद्रों में जाकर किसानों से मुलाकात कर रहे हैं। ऐसे में विधानसभा सत्र से पहले पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर का अमित शाह के नाम खुला पत्र लिखने से कांग्रेस का सदन में विष्णुदेव सरकार को घेरने का मुद्दा मिल गया है। अब ननकी राम कंवर के लेटर बम पर विधानसभा में हंगामा मचना तय है।
कांग्रेस को मिला बड़ा मुद्दा
धान खरीदी केन्द्रों में प्रदेश भर के कांग्रेस नेता एवं जनप्रतिनिधि पहुंच रहे हैं और सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि सरकार किसानों का धान खरीदने में नाकाम हो रही है और केन्द्रों में धान जाम हो गए हैं, क्योंकि राईस मिलर्स हड़ताल पर फिर से चले गए हैं, क्योंकि राईस मिलर्स के साथ हुई बैठक में सरकार ने आश्वासन देने के बाद भी उनकी समस्या को दूर नहीं किया, नतीजन राईस मिलर्स की हड़ताल से धान का उठाव बंद हो गया है और अधिकांश केन्द्रों में धान खरीदी बंद हो चुकी है और सरकार किसानों को परेशानी में डालकर जश्र मना रही है। कांग्रेस तो कांग्रेस, भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं और शाह को लिखे पत्र मे विष्णु सरकार को कटघरे में ला दिया है। कांग्रेस के आरोप को ननकीराम कंवर ने बल दे दिया, जिससे कांग्रेस को बड़ा मुद्दा मिल गया है।

