रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में आयोजित होने जा रहे नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। देशभर से खिलाड़ियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं के लिए मैदान पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं और सभी आवश्यक खेल उपकरण भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
अब तक 500 से अधिक खिलाड़ी पहुंच चुके हैं। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ा अवसर है कि उसे इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी मिली है। इसके लिए खेल मंत्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का आभार व्यक्त किया है।

उन्होंने बताया कि देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3 हजार से अधिक खिलाड़ी और खेल अधिकारी इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले हैं। खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने, आवास, भोजन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। खिलाड़ियों का आगमन लगातार जारी है।
इस खेल महाकुंभ का शुभारंभ कल शाम किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के साथ राज्य के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। यह प्रतियोगिता 3 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें कुल सात खेलों का आयोजन किया जाएगा।
मध्य प्रदेश से आए मेहमानों का पुष्प भेंट कर और नृत्य के माध्यम से स्वागत किया गया।
तमिलनाडु से आए खिलाड़ियों का पुष्प भेंट कर स्वागत।
स्वागत के बाद खिलाड़ी थिरके।
प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल तय
अरुण साव ने बताया कि प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल भी तय कर दिए गए हैं। कुश्ती प्रतियोगिता अंबिकापुर में आयोजित होगी। एथलेटिक्स का आयोजन जगदलपुर में किया जाएगा। अंबिकापुर में ही मलखंब प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
खेल मंत्री साव ने बताया कि 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3 हजार से अधिक खिलाड़ी और खेल अधिकारी इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले हैं।
500 से अधिक खिलाड़ी रायपुर पहुंचे
अब तक 500 से अधिक खिलाड़ी रायपुर पहुंच चुके हैं। आज शाम तक अधिकांश खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के पहुंचने की संभावना है। तैयारियों की निगरानी के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के 20 से अधिक अधिकारी पिछले पांच दिनों से रायपुर में मौजूद हैं। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है।
छत्तीसगढ़ के लिए सीख और अनुभव का अवसर
यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ा अनुभव लेकर आएगा। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किस प्रकार किया जाता है और उसकी तैयारियां कैसे होती हैं, इसका प्रत्यक्ष अनुभव राज्य को प्राप्त होगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ में सरगुजा ओलंपिक और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन छोटे स्तर पर सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं।
अब नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी से राज्य को बड़े स्तर के आयोजन का अनुभव मिलेगा, जिससे भविष्य में और भी बड़े खेल आयोजनों का मार्ग प्रशस्त होगा।
छत्तीसगढ़ के 180 खिलाड़ी लेंगे भाग
इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के लगभग 180 खिलाड़ी भी हिस्सा लेने जा रहे हैं। उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनके खेल को करीब से देखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके प्रदर्शन और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
कुल मिलाकर यह आयोजन छत्तीसगढ़ के खेल और खिलाड़ियों दोनों के लिए नई ऊर्जा और नई दिशा देने वाला साबित होगा। इसे राज्य के लिए एक सौभाग्यपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री मांडविया बोले- आदिवासी बच्चों को मिलेगा बड़ा फायदा
केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” विजन का हिस्सा है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मांडविया ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों से प्रतिभाओं को सामने लाना बेहद जरूरी है। सरकार का फोकस है कि प्रतिभाओं की जल्दी पहचान हो, उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण मिले और राष्ट्रीय खेल ढांचे में शामिल किया जाए।
23 दिसंबर को लोगो हुआ और मैस्कॉट हुआ लॉन्च
बतादें कि 23 दिसंबर को बिलासपुर के दिवंगत बी.आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में इन खेलों का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट ‘मोरवीर’ लॉन्च किया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे।
