बस्तर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में नक्सलियों के सरेंडर का सिलसिला जारी है। रविवार को आंध्र प्रदेश पुलिस के सामने रविवार को 48 लाख के 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें एक सीनियर माओवादी नेता भी शामिल है, जो करीब 36 साल से संगठन में सक्रिय था। सरेंडर करने वाले 8 नक्सली छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिलों के रहने वाले हैं।
ये सभी PLGA बटालियन, एरिया कमेटी और अलग-अलग नक्सली यूनिट में एक्टिव थे। आंध्र पुलिस के मुताबिक, सेंट्रल कमेटी मेंबर और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (AOBSZC) के सचिव चेल्लुरी नारायण राव उर्फ सुरेश ने अपने 8 साथियों के साथ डीजीपी के सामने सरेंडर किया है।
संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले सुरेश पर 25 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इसके अलावा कार्तम लच्छू (5 लाख), कार्तम आदमे उर्फ नंगी, मुचाकी मासा उर्फ अजित, पोडियम राजे और मडवी जोगी पर 4-4 लाख रुपए का इनाम था। वहीं मुचाकी लक्ष्मण, मडिवी आदमा और कदिथि हुर्रे पर 1-1 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
वहीं, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले को सोमवार को पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी के संयुक्त दल ने नक्सलियों के छिपाए मॉडर्न हथियार बरामद किया है। पुलिस ने दावा किया है कि इस बरामदगी से माओवादियों का ईको-सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।

आंध्र प्रदेश सरेंडर किया सुरेश बड़े हमलों में शामिल रहा
पुलिस के मुताबिक चेल्लुरी नारायण राव, उर्फ सुरेश कई बड़े हमलों में शामिल रहा है। 2018 में आंध्र प्रदेश के विधायक किदारी सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक सिवेरी सोमेश्वर राव की हत्या में भी उसका नाम सामने आया था। इसके अलावा कई एंबुश और पुलिस पर हमलों में उसकी भूमिका रही है।
आत्मसमर्पण के पीछे की वजह
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि संगठन के कई बड़े नेताओं की मौत, गिरफ्तारी, जनता का समर्थन कम होना और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण उन्होंने आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया। पुलिस ने 1 इंसास राइफल, 5 .303 राइफल और 6 सिंगल शॉर्ट राइफल समेत अन्य हथियार बरामद किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पिछले एक साल में नक्सल विरोधी अभियान में कई बड़ी सफलता मिली है। कई नक्सली मारे गए, दर्जनों गिरफ्तार हुए और 100 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। साथ ही बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में पुलिस ने हथियारों का जखीरा बरामद किया है।
AK-47 और इंसास राइफल बरामद
इधर, सोमवार को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने हथियारों का जखीरा बरामद किया है। दरअसल सूचना के आधार पर कोवाचीटोला और मदनवाड़ा के कलवर जंगलों में अभियान चलाया गया। करीब 4-5 घंटे की तलाशी के बाद नाले के किनारे एक कटे हुए पेड़ के नीचे छिपाकर रखे गए काले पॉलिथीन के बंडल बरामद हुए।
बरामद हथियारों में एक AK-47 राइफल, जिसमें भरी हुई मैगजीन और 26 जिंदा कारतूस थे। एक इंसास राइफल, जिसमें भरी हुई मैगजीन और 20 जिंदा कारतूस थे। एसएसपी यशपाल सिंह ने बताया कि लगातार चलाए गए अभियानों के कारण नक्सली अब कमजोर पड़ गए हैं।
जिले के आंकड़ों के अनुसार, 18 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए हैं, जबकि 33 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। वर्तमान में जिले का कोई भी मूल निवासी नक्सल संगठन में सक्रिय नहीं है और न ही बाहरी कैडर की मौजूदगी है।
एसएसपी यशपाल सिंहने कहा कि जिला पुलिस और केंद्रीय बलों के साझा प्रयासों से अब जिले में माओवादी सक्रियता नगण्य हो गई है। 31 मार्च से पहले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला पूरी तरह नक्सल मुक्त होने की ओर अग्रसर है।
(टोपी पहने) हंसता हुआ नक्सली लीडर पापाराव। 24 मार्च को जंगल से निकलकर सरेंडर के लिए पहुंचा था।
25 मार्च को पापाराव ने किया था सरेंडर
इससे पहले 25 मार्च को बस्तर में नक्सली लीडर पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। पापाराव बस्तर का आखिरी बड़ा कमांडर था। इसके सरेंडर के बाद कोई बड़ा नक्सली लीडर अब संगठन में नहीं बचा है।
सरेंडर नक्सलियों में 10 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल थी। नक्सलियों ने 12 लाख कैश समेत 8 AK-47, 1 SLR, 1 INSAS और अन्य हथियार पुलिस को सौंपा था। इसी दिन ओडिशा में भी 55 लाख के इनामी सुकरू ने अपने साथियों के साथ हथियार डाला था। बता दें कि, नक्सलियों के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 की डेडलाइन तय की गई है।
पापाराव अपने 18 साथियों को भी साथ लाया। जहां उसने बस्तर पुलिस को हथियार सौंपे।
ओडिशा में 55 लाख के इनामी नक्सली का सरेंडर
पापाराव के सरेंडर वाले दिन ही ओडिशा में 5 नक्सलियों ने हथियार डाले थे। इनमें 55 लाख का इनामी सुकरू भी शामिल है। ओडिशा के कंधमाल में केंद्रीय समिति का सदस्य गणेश उइके के एनकाउंटर के बाद सुकरू ने भी आत्मसमर्पण का फैसला लिया।
- सुकरू, एससीएम (55 लाख इनामी)
- रावा संजय, पी.एम
- बनिला, पी.एम
- रोनी, पी.एम
- कुनी, पी.एम 8वीं कंपनी सीपीआई
ओडिशा में सुकरू समेत 5 नक्सलियों ने भी हथियार डाले थे।
गृहमंत्री बोले- बदलाव के लिए बंदूक छोड़े
गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों को कहा था कि, हाथ में बंदूक रखकर जंगल में ना घूमे। हमारे शिक्षादूतों का गला ना काटे। नदी तालाब सड़क किनारे IED ना बिछाए। हमारे सविंधान को चुनौती ना दें। बदलाव चाहते हैं तो समाज में जनता का बहुमत प्राप्त करें।
पापाराव के बारे में जानिए
पापाराव उर्फ मंगू (56) ये छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में DKSZCM मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। अपने पास AK-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर भाग निकला था।
पापाराव के सरेंडर से नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी लगभग खत्म हो गई है। देवा के सरेंडर करने के बाद अब पापाराव ही एक मात्र ऐसा नक्सली बचा था, जो फाइटर है। बाकी बचे हुए अन्य टॉप कैडर्स के नक्सली उम्र दराज हो चुके हैं। पापाराव के सरेंडर करते ही बस्तर से माओवाद का सफाया तय माना जा रहा है।
बस के जरिए सरेंडर नक्सलियों को जगदलपुर लाया गया था।
साल भर में ऐसे बिखरा संगठन
पिछले साल ही नक्सल संगठन के सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन का सचिव बसवाराजू, गणेश उइके समेत 17 बड़े कैडर्स का एनकाउंटर किया गया। भूपति, रूपेश, रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं।
बस्तर में बटालियन नंबर 1 का कमांडर देवा ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। अब केवल पापाराव ही एक ऐसा नक्सली बचा था, जो लड़ाकू है।
