काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए संसद में भारत और चीन को धन्यवाद दिया। बुधवार को संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों ने समय पर राहत सामग्री, तकनीकी टीमें और आपात मदद भेजी।
भारत ने राहत सामग्री की पांचवीं खेप भेजी है। भारतीय टीमें सुरंगों में सर्च ऑपरेशन और शवों की पहचान में मदद कर रही हैं। वहीं, चीन ने ग्यिरोंग बॉर्डर तक जाने वाला हाईवे खोल दिया है, जिससे राहत दल प्रभावित इलाकों तक पहुंच रहे हैं।
बाढ़ में अब तक 1127 लोगों की मौत हो चुकी है और 4800 से ज्यादा लोग लापता हैं। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के कर्मचारी भी गायब हैं। आशंका है कि कुछ लोग अब भी सुरंगों में फंसे हो सकते हैं।
नेपाल त्रासदी की तस्वीरें…

काठमांडू में लापता परिजनों की फोटो लगाने में लोगों की मदद करता एक बच्चा।
रहवासी इलाकों से बाढ़ के बाद के मलबे को हटाया जा रहा है।
बाढ़ में मृत लोगों के शवों के दफनाया गया है।
भारतीय टीम शवों के अवशेषों की DNA जांच कर रही है। ताकि शव परिजनों को सौंपे जा सकें।
नेपाली PM बोले- जलवायु परिवर्तन से हिमालय में खतरा बढ़ा
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ को हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते जलवायु खतरों की गंभीर चेतावनी बताया।
संसद को संबोधित करते हुए शाह ने बुधवार को कहा कि एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऊंचे हिमालयी इलाके में बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा टूटने से यह आपदा आई। इससे साफ है कि जलवायु परिवर्तन के साथ हिमालयी क्षेत्र में आपदाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
शाह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया की गतिविधियों का नतीजा है। इसलिए इसके असर को कम करना और इससे पैदा होने वाले खतरों से निपटना भी पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बुधवार को संसद को संबोधित किया।
चितवन में नारायणी और त्रिशूली नदियों का जलस्तर बढ़ा
नेपाल में बाढ़ के बाद चितवन में नारायणी (गंडक) और त्रिशूली नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।
बुधवार, 2 सितंबर को इन नदियों का एरियल व्यू सामने आया, जिसमें बाढ़ के बाद इलाके में फैली तबाही साफ दिखाई दे रही है।
भारत ने नेपाल को अब तक क्या-क्या मदद भेजी?
26 अगस्त – पहली C-130J फ्लाइट से करीब 10 टन राहत सामग्री भेजी गई। इसमें कंबल, तिरपाल, हाइजीन किट और जरूरी सामान शामिल था।
27 अगस्त – C-17 ग्लोबमास्टर विमान से 37.5 टन सहायता भेजी गई। इसमें राहत सामग्री, दवाइयां और फूड पैकेट शामिल थे।
28 अगस्त – तीसरी खेप में करीब 10 टन राहत सामग्री और 11 सदस्यीय मेडिकल व टनल-रेस्क्यू विशेषज्ञों की टीम भेजी गई।
30 अगस्त – चौथी फ्लाइट से 11 टन राहत सामग्री पहुंचाई गई। इसके साथ डीएनए फोरेंसिक विशेषज्ञ और टनल रेस्क्यू उपकरण भी भेजे गए।
2 सितंबर – पांचवीं फ्लाइट से 11 सदस्यीय विशेष बचाव दल और अतिरिक्त तकनीकी सहायता नेपाल भेजी गई। भारत ने शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्टिंग विशेषज्ञों की टीम भी तैनात की है।
4 दिन मलबे में दबा रहा 5 साल का बच्चा, जिंदा बचाया गया
नेपाल में बाढ़ के मलबे में चार दिन तक दबे रहने के बाद एक 5 साल के बच्चे को जिंदा बचा लिया गया। बचाव के बाद बच्चा इतना थका हुआ था कि ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था।
एक वीडियो में नेपाल सेना का जवान बच्चे को खिचड़ी और पानी पिलाता नजर आया। जवान ने उसे दिलासा देते हुए कहा कि वह जल्द अपने परिवार से मिलेगा और फिर स्कूल जा सकेगा।
नेपाल पीएम बोले- 95 शव परिजनों को सौंपे गए
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने संसद में बताया कि बाढ़ के बाद अब तक 95 शव परिजनों को सौंपे गए हैं।
शाह ने कहा कि बाढ़ 26 अगस्त की सुबह करीब 8:30 बजे आई थी। जानकारी मिलते ही सरकार ने राहत-बचाव अभियान शुरू किया। 9:15 बजे आपात बैठक बुलाई गई और 10:30 बजे तक हेलिकॉप्टर व बचाव दल तैनाती के लिए तैयार थे।
बाढ़ संकट पर संसद में जानकारी देते हुए नेपाल के पीएम बालेन्द्र शाह।
शव नहीं मिला, पुतले से किया अंतिम संस्कार
नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में लापता हुए सूरज तिमिल्सिना का शव अब तक नहीं मिल सका है। काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में सूरज तिमिल्सिना के परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार पुतले के जरिए किया है।
अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य और रिश्तेदार भावुक नजर आए। सूरज के बेटे ने भी पिता के अंतिम संस्कार की रस्मों में हिस्सा लिया।
सूरज तिमिल्सिना के पुतले के साथ अंतिम संस्कार की रस्में निभाते परिजन।
अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल उनकी पत्नी और बेटा।
पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होता उनका बेटा।
नेपाल की तीन प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर
नेपाल में बाढ़ और लगातार बारिश के बाद सुन कोशी, बूढ़ी गंडकी और महाकाली नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है।
प्रशासन ने मध्य, पश्चिमी और पूर्वी नेपाल के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है, और तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है।
नेपाल के लिए भारत ने भेजी पांचवीं राहत उड़ान
नेपाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए भारत ने अपनी पांचवीं सहायता उड़ान रवाना की है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इस विमान में 11 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम, अत्याधुनिक बचाव उपकरण और 5.5 टन आवश्यक दवाइयां भेजी गई हैं।
इससे पहले भारत चार राहत उड़ानों के जरिए नेपाल को करीब 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है। इनमें दवाइयां, खाद्य सामग्री, कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, हाइजीन किट, और अन्य जरूरी राहत सामग्री शामिल हैं।
बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ भारतीय विमान।
बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए भारत ने भेजी जरूरी दवाइयां।
नेपाल भेजी गई राहत सामग्री के साथ भारतीय रेस्क्यू टीम।
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए काठमांडू पहुंचे सोनू सूद
बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए काठमांडू पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राहत सामग्री का वितरण किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
सोनू सूद ने कहा कि राहत सामग्री में बड़ी संख्या में कंबल और खाद्य सामग्री शामिल है। उन्होंने कहा, “हम बाढ़ पीड़ितों से मिलने और उन्हें राहत सामग्री देने आए हैं। हम उनकी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश करेंगे।”
सोनू सूद ने यह भी कहा कि उनकी टीम आने वाले महीनों में भी नेपाल के लिए राहत सहायता जारी रखने का प्रयास करेगी, ताकि प्रभावित लोगों को लंबे समय तक मदद मिल सके।
काठमांडू पहुंचकर बाढ़ पीड़ित बच्चों से मुलाकात करते सोनू सूद।
नेपाल में बाढ़ प्रभावित बच्चों के साथ समय बिताते अभिनेता सोनू सूद।
नेपाल में राहत अभियान के दौरान बच्चों के साथ नजर आए अभिनेता सोनू सूद।
नेपाल में शव जलाने की बजाय दफनाए जा रहे
नेपाल में बाढ़ के बाद सैकड़ों अज्ञात शवों को जलाने के बजाय दफनाया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि शवों के अवशेष सुरक्षित रहें और DNA जांच से पहचान कर परिजनों को सौंपे जा सकें।
दरअसल, पानी और कीचड़ में लंबे समय तक दबे रहने से शवों की हालत बहुत खराब हो चुकी है। कई शव पानी में फूल गए हैं और तेजी से सड़ रहे हैं। इससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है।
दूसरी तरफ शवगृह और अस्थायी केंद्र भी शवों से भर चुके हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव नहीं है। यही वजह है कि अज्ञात शवों को सामूहिक कब्रों में दफनाया जा रहा है।
नेपाल के 5 लोगों के शव यूपी में मिले
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गंडक नदी से मिले नेपाल के पांच नागरिकों के शव मंगलवार को सोनौली सीमा पर सौंपे गए। ये लोग नेपाल में आई अचानक बाढ़ में बह गए थे। शव नेपाल पुलिस को सौंपे गए। इनमें दो महिलाएं और तीन पुरुष हैं।
