तेल अवीव, एजेंसी। इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि जांच में सामने आया है कि फ्लाइट में पायलट पर हमला करने वाला आरोपी इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था।
नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज से कहा,
ऐसा लगता है कि पायलट विमान को गिराने की कोशिश कर रहा था। पकड़े जाने के बाद वह क्रू मेंबर्स से बार-बार उसे मार देने की बात कह रहा था। इससे लगता है कि वह आत्महत्या करना चाहता था।
इजराइली मीडिया के मुताबिक, आरोपी के साथ काम कर चुके एक सहकर्मी ने बताया कि वह महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था और दिन में कई बार नमाज पढ़ता था।
कैप्टन पर चाकू से हमला किया, विमान हजारों फीट नीचे आया
ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया था और विमान को हाईजैक करने की कोशिश की। इस दौरान विमान कुछ ही मिनटों में हजारों फीट नीचे आ गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने आरोपी को काबू कर लिया। दूसरे पायलटों ने विमान को संभाला और सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग कराई। हमले के पीछे की वजह की जांच अभी जारी है।
ओमानी पायलट के हमले में घायल कैप्टन स्मित मच्छर। सऊदी में लैंड होने के बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया।
विमान के कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा, जांच जारी
हमले के बाद जांच में एक अहम सवाल उठ रहा है कि कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा। एक इजराइली अधिकारी से पूछा गया कि क्या हमले में इस्तेमाल की गई वस्तु आग बुझाने या किसी आपातकालीन प्रक्रिया के लिए कॉकपिट में रखे गए उपकरणों में से एक थी।
अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकारी नहीं है कि इस्तेमाल की गई वस्तु किसी आपातकालीन उपकरण से जुड़ी थी या नहीं। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि आरोपी की सुरक्षा जांच में कोई चूक हुई थी या नहीं।
9 महीने पहले ही फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू की थी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने फ्लाईदुबई में करीब 9 महीने पहले नौकरी शुरू की थी। ओमान के एक अधिकारी ने अमेरिकी न्यूज चैनल CBS को इसकी पुष्टि की थी। आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
घटना के बाद यह सवाल भी उठा कि आरोपी को इजराइल जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली। इजराइल और ओमान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।
रिपोर्ट- हमले से पहले भी कई ओमानी पायलट इजराइल पहुंचे
ओमानी पायलट के हमले के बाद इजराइल की विमान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। न्यूज चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिबंध के बावजूद इससे पहले भी कई ओमानी पायलट तेल अवीव पहुंचे थे।
इजराइल ने पायलटों की सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी विदेशी एयरलाइंस पर छोड़ रखी थी। रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने फ्लाईदुबई के पायलटों के बैकग्राउंड की जांच नहीं की थी।
शिन बेट ने फ्लाईदुबई से प्रतिबंधित देशों के पायलटों को तैनात न करने को कहा था। हमले के बाद परिवहन मंत्रालय और विमान सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा होगी। उस संस्था की भूमिका भी जांची जाएगी, जो इजराइल आने वाली उड़ानों के पायलटों की निगरानी करती है।
UAE जांच करेगा कि हमला आतंकवादी साजिश थी या नहीं
हमले के आरोपी ओमानी पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। सऊदी अधिकारियों ने तबूक में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर शुरुआती पूछताछ की थी।
इसके बाद गुरुवार सुबह उसे UAE भेज दिया गया। अब UAE की न्यायिक एजेंसियां मामले की जांच करेंगी।
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के मुताबिक शुरुआती जांच में पुष्टि हुई कि उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया था। हमले में दोनों पायलट घायल हुए थे।
UAE के अधिकारी अब यह पता लगाएंगे कि कॉकपिट में झड़प किन परिस्थितियों में हुई और क्या को-पायलट ने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने या उसे जानबूझकर गिराने की कोशिश की थी।
UAE यह जांच कर रहा है कि हमला आतंकवाद से जुड़ा था या पहले से इसकी योजना बनाई गई थी। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने घटना को ‘जिहादी आतंकवादी हमला’ बताया था।
