सोलर लाइट से गांव की रातें रोशन हुईं, रात में आवागमन सुविधाजनक हुआ – ग्रामीण
कोरबा 03 अक्टूबर 2026। गांव में शाम ढलते ही जब अंधेरा रास्तों को घेर लेता है, तब छोटी दूरी तय करना भी सावधानी का काम बन जाता है। कोरबा जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में रात के समय प्रकाश की इसी जरूरत को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि से सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम बरपाली के चौक में क्रेडा विभाग द्वारा सोलर हाईमास्ट लाइट स्थापित की गई है।
सोलर हाईमास्ट की सुविधा मिलने से पहले बरपाली चौक और आसपास का क्षेत्र शाम के बाद अंधेरे में डूब जाता था। जरूरी काम से निकलने वाले ग्रामीणों को रास्ता देखने में परेशानी होती थी। खेतों और घरों के आसपास जाने में सांप-बिच्छू तथा अन्य जीव-जंतुओं को लेकर भी सतर्क रहना पड़ता था। रात में आने-जाने का समय ग्रामीणों के लिए असुविधा वाला रहता था।
अब सोलर हाईमास्ट से चौक और आसपास के रास्तों में पर्याप्त रोशनी रहती है। सड़क स्पष्ट दिखाई देने से ग्रामीणों के लिए रात में आवागमन सुविधाजनक हुआ है। सौर ऊर्जा से चलने वाली इस व्यवस्था के लिए नियमित बिजली आपूर्ति की जरूरत नहीं होती और बिजली बिल का खर्च भी नहीं आता। बैटरी बैकअप के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर भी प्रकाश उपलब्ध रहने में मदद मिलती है।
ग्रामीणों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि, “पहले शाम होते ही चौक पर अंधेरा छा जाता था। अगर रात में किसी काम से बाहर निकलना पड़े तो मोबाइल की रोशनी या टॉर्च के सहारे रास्ता देखना पड़ता था। खेत की तरफ जाना हो तो हर कदम संभलकर रखना पड़ता था, क्योंकि घास और अंधेरे में सांप-बिच्छू दिखाई नहीं देते थे। अब चौक पर हाईमास्ट की रोशनी रहती है तो दूर से ही रास्ता साफ दिखाई देता है। घर से चौक तक आने-जाने में अब पहले जैसी परेशानी नहीं होती। बच्चों या परिवार के किसी सदस्य को रात में बाहर भेजना पड़े तो मन में भी ज्यादा चिंता नहीं रहती। सौर ऊर्जा से रोशनी मिलने से गांव की रातें काफी सुविधाजनक हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हम दिल से आभार व्यक्त करते हैं कि दूरस्थ गांव में हमारी जरूरत को समझकर रोशनी की यह सुविधा उपलब्ध कराई गई।”
दूरस्थ गांव में रोशनी की नई व्यवस्था, बरपाली में रात का आवागमन हुआ सहज
