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बांकी मोंगरा में नए थानेदार राम कुमार साव का एक्शन मोड! हमले की कोशिश के मामले में दो और आरोपी हिरासत में, न्यायालय में पेश

राजेश पाटले उर्फ भैरा और नितिन उर्फ ND भाऊ निवासी मोगरा पुलिस की गिरफ्त में
पहले विक्रम यादव उर्फ बम भी हो चुका है पेश, 10 से 15 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पहुंचने का था आरोप, पांच बाइक छोड़कर भागे थे युवक

कोरबा/बांकी मोंगरा। बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र में 22 अक्टूबर की देर रात हुए कथित हमले की कोशिश के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। नए थाना प्रभारी राम कुमार साव के पदभार संभालने के बाद इस प्रकरण में पुलिस की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी कड़ी में 31 अक्टूबर को पुलिस ने मामले में संलिप्त बताए जा रहे दो और आरोपियों राजेश पाटले उर्फ भैरा और नितिन उर्फ ND भाऊ, दोनों निवासी मोगरा, को हिरासत में लिया। जिनसे अभी पूछताछ की जा रही है, और इनके अन्य साथियों जो घटना में शामिल थे उनके नाम निकालने का प्रयास के बाद कल दोनों को पूछताछ एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय में पेश कर दिया गया।

लगातार आरोपियों पर हो रही कार्रवाई से अब इस मामले में जांच की दिशा और तेज होती दिखाई दे रही है। हालांकि, घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों की तलाश अभी बाकी है। पुलिस ने प्रार्थी को आश्वासन दिया है कि शेष आरोपियों को भी जल्द हिरासत में लिया जाएगा।

आधी रात मोटरसाइकिलों का काफिला, हथियारों के साथ हमले की कोशिश का आरोप
गौरतलब है कि शांति नगर निवासी कुणाल आजाद (21 वर्ष), पिता संजय आजाद, ने बांकी मोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे फोन पर गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद देर रात गंभीर रूप लेता दिखाई दिया।

शिकायत के अनुसार, रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच 15 से अधिक युवक 10 से 15 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर उनके घर के पास पहुंचे। आरोप है कि युवकों के पास डंडे, लोहे की रॉड, चाकू और तलवार जैसे हथियार थे तथा उन्होंने हमला करने का प्रयास किया। कुणाल ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई।

शोरगुल सुनकर मोहल्ले के सेवक राम साहू, विकास सिंह, हर्षित गुप्ता, करण देवांगन, आकाश सिंह, सत्यमेव सहित अन्य स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। शिकायत के मुताबिक, लोगों ने युवकों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन युवक पांच मोटरसाइकिलें मौके पर छोड़कर भाग निकले। शिकायत में मौके पर दो युवकों को पकड़े जाने की बात भी कही गई थी।

पहले विक्रम यादव, अब राजेश पटेल और नितिन उर्फ ND भाऊ पर कार्रवाई
इस मामले में बांकी मोंगरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 220/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 296, 351(3), 109(1), 189(1), 189(2), 189(4) एवं 190 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था।

प्रकरण में पहले रौनक सिंह राजपूत, निवासी प्रेम नगर कुसमुंडा, और एक विधि से संघर्षरत 17 वर्षीय बालक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद आरोपी विक्रम यादव उर्फ बम को भी हिरासत में लेकर माननीय न्यायालय में पेश किया गया था।

अब 31 अक्टूबर को राजेश पटेल उर्फ भैरा और नितिन उर्फ ND भाऊ को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किए जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई ने फिर रफ्तार पकड़ी है।

नए थाना प्रभारी राम कुमार साव के आने के बाद मामले में लगातार हो रही कार्रवाई को क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, सभी संदिग्धों की भूमिका और घटना में उनकी संलिप्तता की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

पांच मोटरसाइकिलें छोड़कर भागे युवक, आखिर किसकी थीं ये गाड़ियां?
इस पूरे घटनाक्रम में पांच मोटरसाइकिलों का मौके पर छूट जाना भी जांच का अहम पहलू है। आखिर ये मोटरसाइकिलें किनकी थीं? इनके मालिक कौन हैं? घटना की रात इन्हें कौन चला रहा था? क्या इन वाहनों के जरिए अन्य आरोपियों तक पहुंचा जा सकता है?

इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच से सामने आना बाकी हैं। इसके अलावा घटनास्थल पर एक डिजाइनदार चाकू और पीवीसी पाइप देखे जाने की बात भी सामने आई थी। ये सामान वहां कैसे पहुंचे और घटना से इनका क्या संबंध है, यह भी जांच का विषय है।

सीएसपी ने भी लिया था मामले का संज्ञान, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए थे साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए दर्री सीएसपी विमल पाठक बांकी मोंगरा थाना पहुंचे थे और घटनाक्रम की जानकारी ली थी। उन्होंने जल्द जांच पूरी कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम के पहुंचने और साक्ष्य जुटाने की जानकारी भी सामने आई थी।

वहीं, शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रार्थी कुणाल आजाद के साथ इनके पिता एवं ब्लॉक कांग्रेस बांकी मोंगरा अध्यक्ष संजय आजाद सहित प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर के कांग्रेस नेता भी थाने पहुंचे थे।

पुलिस का आश्वासन—शेष आरोपियों पर भी होगी कार्रवाई
लगातार हो रही कार्रवाई के बीच पुलिस ने प्रार्थी को आश्वस्त किया है कि मामले में शामिल शेष आरोपियों को भी जल्द हिरासत में लिया जाएगा। अब देखना होगा कि पुलिस की जांच में और किन लोगों के नाम सामने आते हैं तथा पांच मोटरसाइकिलों से जुड़े सुराग कितने काम आते हैं। प्रार्थी द्वारा बताए मुख्य आरोपी राहुल यादव की खोजबीन भी तेज।

इस मामले में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ में क्या जानकारी मिली? शेष नामजद और अज्ञात संदिग्धों की पहचान कहां तक हुई? घटनास्थल पर छोड़ी गई मोटरसाइकिलों की जांच में क्या सामने आया? और क्या इस पूरी घटना के पीछे सिर्फ पुराना विवाद था या जांच में कोई और पहलू भी सामने आएगा?
बांकी मोंगरा में नए थाना प्रभारी राम कुमार साव के आने के बाद इस मामले में लगातार हो रही कार्रवाई निश्चित रूप से चर्चा में है। पहले विक्रम यादव उर्फ बम की न्यायालय में पेशी और अब राजेश पटेल उर्फ भैरा तथा नितिन उर्फ ND भाऊ के पकड़े जाने के बाद क्षेत्रवासियों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं।

अब जरूरत है कि पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचे, प्रत्येक संदिग्ध की भूमिका की निष्पक्ष जांच करे और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।

फिलहाल बांकी मोंगरा पुलिस का एक्शन मोड जारी है। दो और आरोपियों की न्यायालय में पेशी के बाद अब सवाल यही है कि 22 अक्टूबर की उस आधी रात की पूरी कहानी कब सामने आएगी और बाकी आरोपियों तक पुलिस का हाथ कब पहुंचेगा? क्षेत्रवासियों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और सुरक्षा का भरोसा चाहिए।

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