रायपुर,एजेंसी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा साइंस की पढ़ाई करने पर छत्तीसगढ़ सरकार हर महीने 50 हजार रुपए देगी। ट्रिपलआईटी में इस शैक्षणिक सत्र से एआई एंड डाटा साइंस (डीएसएमआई) में एमटेक प्रोग्राम शुरू होगा। यह विशेष प्रोग्राम मुख्यमंत्री आईटी फैलोशिप योजना के अंतर्गत शुरू किया जा रहा है। इसमें चयनित युवाओं की ट्यूशन फीस छत्तीसगढ़ सरकार देगी।
इसके साथ ही प्रतिमाह 50 हजार रुपए का स्टाइपेंड भी मिलेगा। इस कोर्स में सिर्फ छत्तीसगढ़ के ही युवा शामिल हो सकेंगे। प्रोग्राम शुरू करने का मकसद छत्तीसगढ़ के युवाओं को एआई, डेटा साइंस जैसे क्षेत्र में दक्ष बनाना और भविष्य के लिए इंजीनियर्स तैयार करना है। तकनीकी में यह पहला प्रोग्राम होगा।
बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री सुशासन फैलोशिप के तहत आईआईएम रायपुर में एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस शुरू किया गया था। चिप्स के साथ जुड़कर काम करेंगे: ट्रिपलआईटी में यह नया प्रोग्राम छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) की साझेदारी से शुरू होगा। छत्तीसगढ़ सरकार इसमें सहायता प्रदान करेगी।
आईटी फैलोशिप योजना में शामिल होने वालों को ट्रिपलआईटी के एक्सपर्ट प्रोफेसर थ्योरी सिखाएंगे। वहीं सरकार के आईटी प्रोजेक्ट में अटैच किया जाएगा। कोर्स में सीटों की संख्या, आवेदन और चयन प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है।
ई-गवर्नेंस में काम करेंगे एआई इंजीनियर्स
सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस की दृष्टि से मॉडल राज्य बनाने पर काम किया जा रहा है। इसके लिए विधानसभा के बजट में छत्तीसगढ़ सेंटर फॉर स्मार्ट गवर्नेंस की स्थापना की बात कही गई थी। साथ ही बजट में सभी विभागों में आईटी के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक उपकरण व आधुनिक सॉफ्टवेयर इत्यादि की व्यवस्था के लिए 266 करोड़ का प्रावधान किया गया था। डिजिटल और एआई आधारित इको सिस्टम के माध्यम से शिक्षा की व्यवस्था बजट में शामिल थी।
आईआईएम में पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस प्रोग्राम
आईआईएम रायपुर में पिछले साल 2024 में पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस में दो वर्षीय एमबीए प्रोग्राम शुरू किया गया था। मुख्यमंत्री सुशासन फैलोशिप (सीएमजीजीएफ) योजना के तहत इस प्रोग्राम में स्टूडेंट्स को क्लासरूम के साथ विभिन्न विभागों और कलेक्टोरेट जैसे प्रशासनिक कार्यालयों में काम करने का मौका मिलता है। पॉलिसी मेकिंग, शासन परामर्श, और सरकारी व निजी क्षेत्र में नेतृत्व के पदों पर उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए विशेषज्ञता और नेटवर्क मिलता है।
एआई को डिजाइन करने के लिए भी एआई इंजीनियर की जरूरत होती है। चिप्स के साथ साझेदारी हो चुकी है। इस कोर्स के जरिए भविष्य के लिए एआई इंजीनियर्स तैयार करेंगे। कोर्स करने वाले इंजीनियर्स की कार्यदक्षता और कुशलता बेहतर होगी। -प्रो. ओपी व्यास, डायरेक्टर- ट्रिपलआईटी, नवा रायपुर
