कोरबा। कोरबा शहर में सार्वजनिक गणेश पूजा पंडालों में स्थापित की जा रही कार्टून, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बॉल और नाचते-गाते स्वरूप वाली गणेश प्रतिमाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू नारायणी सेना ने इन प्रतिमाओं के स्वरूप पर आपत्ति जताते हुए शहर की विभिन्न गणेशोत्सव समितियों को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने धार्मिक आयोजनों में शास्त्रसम्मत नियमों और परंपराओं का पालन करने की अपील की है।
संगठन के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल के साथ पंडित राकेश महाराज और पंडित आनंद तिवारी महाराज समेत कार्यकर्ताओं ने कई गणेश पूजा समितियों के पदाधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

प्रतिमाओं के स्वरूप पर जताई आपत्ति
हिंदू नारायणी सेना का कहना है कि कुछ सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं कार्टून, AI, बॉल अथवा नाचते-गाते स्वरूप में तैयार की जा रही हैं। संगठन ने इसे धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं बताते हुए ऐसे स्वरूप में बदलाव की मांग की है।
अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि गणेशोत्सव जैसे धार्मिक आयोजनों में सनातन परंपराओं और निर्धारित धार्मिक विधि-विधान का ध्यान रखा जाना चाहिए।
श्रद्धालुओं को तिलक और गंगाजल की व्यवस्था की मांग
ज्ञापन में संगठन ने पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तिलक लगाने और गंगाजल से शुद्धिकरण की व्यवस्था करने की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि इन परंपराओं के माध्यम से धार्मिक आयोजनों का सांस्कृतिक स्वरूप बनाए रखा जा सकता है।
DJ, जुआ और फिल्मी गानों पर भी आपत्ति
संगठन ने गणेश पूजा पंडालों में होने वाले कुछ मनोरंजन कार्यक्रमों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई जगह डीजे, जुए और बच्चों के फिल्मी गानों पर डांस जैसे आयोजन किए जाते हैं।
हिंदू नारायणी सेना ने ऐसे कार्यक्रमों की जगह धार्मिक प्रश्नोत्तरी और क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित करने का सुझाव दिया है। संगठन का कहना है कि इससे बच्चों और युवाओं को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी देने में मदद मिलेगी।
भजन-आरती की जगह फिल्मी गानों का आरोप
अरविंद अग्रवाल ने कहा कि कई पंडालों में साउंड सिस्टम पर भजन और आरती के बजाय फिल्मी तथा उनके अनुसार अमर्यादित गाने बजाए जाते हैं। उन्होंने विसर्जन यात्राओं के दौरान भी धार्मिक गीतों के बजाय फिल्मी गानों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ समितियों के सदस्य नशे की हालत में विसर्जन यात्रा में शामिल होते हैं और झांकियों में भगवान के स्वरूप का उनके अनुसार अमर्यादित प्रदर्शन किया जाता है।
समितियों से तुरंत बदलाव की अपील
संगठन ने सभी सार्वजनिक गणेशोत्सव समितियों से आयोजन की गतिविधियों और प्रतिमाओं के स्वरूप पर पुनर्विचार करने की अपील की है। हिंदू नारायणी सेना का कहना है कि गणेशोत्सव में धार्मिक परंपरा, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
