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अनुदान मांगों की चर्चा में अफसर नदारद, सदन में हंगामा,नारेबाजी:भूपेश बोले- सभी विभाग में अफसरशाही, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वॉकआउट

रायपुर,एजेंसी। विधानसभा बजट सत्र के दौरान अनुदान मांगों की चर्चा पर सदन में हंगामा हो गया। शुक्रवार को उच्च शिक्षा और राजस्व विभाग के अधिकारी सदन में चर्चा के समय अनुपस्थित रहे, जिससे विपक्ष ने नाराजगी जताई। पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि अधिकारियों की सरकार के प्रति जवाबदेही खत्म हो गई है और मंत्री भी कभी-कभी चर्चा में देरी से आए।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सभी विभागों में अफसरशाही व्याप्त है और अधिकारियों का जवाबदेही खत्म हो गई है। सत्ता पक्ष के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया, हंगामा और नारेबाजी के बीच विपक्ष ने अपनी नाराजगी व्यक्त की।

विधायक अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह और धरमलाल कौशिक ने बढ़ रही चाकूबाजी की घटनाओं को लेकर चर्चा की।

भूपेश ने चंद्राकर से कहा- सरकार आपकी , काम आप नहीं कर पा रहे और आरोप हम पर लगा रहे हैं।

चंद्राकर बोले- दुग्ध उत्पादन में हम आत्मनिर्भर नहीं

विधानसभा बजट सत्र के प्रश्नकाल में गौवंश, कृत्रिम गर्भाधान, दुग्ध उत्पादन और मादा पशुओं की प्रजनन नीति जैसे अहम मुद्दों की गूंज रही है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मादा गौवंशीय पशुओं की संख्या, गर्भाधान नीति और टीकाकरण व्यवस्था पर सवाल उठाए।

चंद्राकर ने कहा, ‘दुग्ध उत्पादन में हम आत्मनिर्भर नहीं हैं, इस क्षेत्र में स्थिति बहुत दयनीय है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार आपकी है, काम आप नहीं कर पा रहे और आरोप हम पर लगा रहे हैं। इसी दौरान चिराग परियोजना और नए केंद्रों की स्थापना पर भी चर्चा हुई।

विपक्षी नेता चरणदास महंत ने गांवों की बछिया और कृत्रिम गर्भाधान के मुद्दे को सामने रखा, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिराग परियोजना की राशि और कार्यप्रगति पर सवाल किए।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने योजनाओं की स्थिति, राष्ट्रीय गोकुल मिशन और निजी क्षेत्र की भागीदारी पर जानकारी दी। सदन में 77 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लगे, जिनमें कानून-व्यवस्था, किसानों और पशुपालकों से जुड़े सवाल शामिल थे।

कार्यवाही के दौरान सदस्यों को शांत कराते सभापति धरमलाल कौशिक।

विपक्ष के सवाल और पक्ष का जवाब

गौवंश, दुग्ध उत्पादन मुद्दे की गूंज

अजय चंद्राकर: प्रदेश में मादा गौवंशीय पशुओं की संख्या कितनी है? 53 लाख मादा गौवंश के लिए गर्भाधान, पशु प्रजनन नीति और टीकाकरण की व्यवस्था कैसे की जा रही है?

रामविचार नेताम: कृत्रिम गर्भाधान के लिए पूरे प्रदेश में उपकेंद्र और पशु औषधालय उपलब्ध हैं। बेहतर नस्ल विकसित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि दुग्ध उत्पादन बढ़े और राष्ट्रीय औसत के बराबर लाया जा सके।

अजय चंद्राकर: दुग्ध उत्पादन में हम आत्मनिर्भर क्यों नहीं हैं? 1585 संस्थाएं सरकारी हैं या गैर-सरकारी? 412 नए केंद्र कब खोले जाएंगे?

रामविचार नेताम: बछिया उत्पादन बढ़ाने के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमेन का उपयोग किया जा रहा है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत काम हो रहा है, निजी क्षेत्र का सहयोग भी लिया जा रहा है।

अजय चंद्राकर: एक साल में कितने पशुओं का गर्भाधान का लक्ष्य है और अब तक कितने पशुओं का गर्भाधान किया गया?

रामविचार नेताम: इसकी विस्तृत जानकारी अलग से उपलब्ध कराई जाएगी।

अजय चंद्राकर: 183 करोड़ रुपए की चिराग परियोजना समय से पहले क्यों बंद हुई? जिम्मेदार कौन है?

रामविचार नेताम: पूर्व प्रगति अपेक्षित नहीं होने के कारण भारत सरकार ने समीक्षा कर नोटिस देकर परियोजना बंद कर दी।

अजय चंद्राकर: परियोजना बंद होने के लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं और उन पर क्या कार्रवाई होगी?

रामविचार नेताम: परीक्षण कराया जाएगा और जवाबदेही तय कर आवश्यक अनुशंसा भेजी जाएगी।

चरणदास महंत: क्या 53 लाख की संख्या में गांवों की बछिया भी शामिल हैं? उनके लिए क्या योजना है?

भूपेश बघेल: चिराग परियोजना की राशि किस तारीख को समर्पित हुई और 2024-25 में सरकार ने क्या काम किया?

रामविचार नेताम: केवल 1% राशि का उपयोग हो सका। 18 मार्च 2025 को राज्य शासन को सूचना दी गई और आगे की कार्रवाई के लिए प्रयास जारी हैं।

अनुदान मांगों पर सदन में बहस

सवाल: दलेश्वर साहू पहाड़ी की जमीन को उपजाऊ जमीन बताकर पट्टा क्यों दे दिया गया और बाद में पट्टा धारी जमीन को रायपुर के व्यापारी को कैसे बेच दिया गया?

जवाब: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा (मंत्रि का जवाब इस समय उपलब्ध नहीं, सदन में मामले की जांच के बाद कार्रवाई होगी)

सवाल: दलेश्वर साहू राजस्व विभाग से जुड़े हजारों मामले पेंडिंग क्यों पड़े हैं और समय पर समाधान क्यों नहीं होता?

जवाब: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा पटवारी और तहसीलदार का अमला समय पर समस्या निदान के लिए काम कर रहा है, लेकिन कुछ मामलों में प्रक्रिया लंबित रहती है। आगे कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सवाल: उमेश पटेल रायगढ़ में बीज वितरण के दौरान 85% किसानों के रकबे का बीज रिजेक्ट क्यों कर दिया गया? इसका कारण क्या रहा?

जवाब: मंत्री रामविचार नेताम उन क्षेत्रों में बीज तो दिया गया, लेकिन किसानों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला था। इसलिए उत्पादन कम हुआ।

सवाल: उमेश पटेल जब प्रशिक्षण नहीं दिया गया तो जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं और क्या कार्रवाई होगी?

जवाब: रामविचार नेताम आगे सुनिश्चित करेंगे कि किसानों के माध्यम से बेहतर बीज उत्पादन हो। जिन अधिकारियों ने लापरवाही की है, उनकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

सवाल: उमेश पटेल किसानों की फसल की ग्रेडिंग पर क्या कार्रवाई हुई? 186 क्विंटल बीज रिजेक्ट किया गया। विभाग के एमडी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

जवाब: रामविचार नेताम सक्षम अधिकारियों से जांच कराई जाएगी और बेहतर नीति तैयार करने पर काम किया जाएगा।

सवाल: नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत अलसी के डंठल से कपड़ा बनता है। यह किसानों का आर्थिक स्रोत है, इस पर क्या ध्यान दिया जाएगा?

जवाब: रामविचार नेताम यदि अधिकारियों ने लापरवाही की है, तो उसका परीक्षण कराया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अलसी की खेती का मुद्दा उठा

सवाल: उमेश पटेल रायगढ़ में बीज वितरण के दौरान 85% किसानों के रकबे का बीज रिजेक्ट क्यों कर दिया गया? इसका कारण क्या रहा?

जवाब: मंत्री रामविचार नेताम उन क्षेत्रों में बीज तो दिया गया, लेकिन किसानों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला था। इसलिए उत्पादन कम हुआ।

सवाल: उमेश पटेल जब प्रशिक्षण नहीं दिया गया तो जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं और क्या कार्रवाई होगी?

जवाब: रामविचार नेताम आगे सुनिश्चित करेंगे कि किसानों के माध्यम से बेहतर बीज उत्पादन हो। जिन अधिकारियों ने लापरवाही की है, उनकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

सवाल: उमेश पटेल किसानों की फसल की ग्रेडिंग पर क्या कार्रवाई हुई? 186 क्विंटल बीज रिजेक्ट किया गया। विभाग के एमडी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

जवाब: रामविचार नेताम सक्षम अधिकारियों से जांच कराई जाएगी और बेहतर नीति तैयार करने पर काम किया जाएगा।

सवाल: नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत अलसी के डंठल से कपड़ा बनता है। यह किसानों का आर्थिक स्रोत है, इस पर क्या ध्यान दिया जाएगा?

जवाब: रामविचार नेताम यदि अधिकारियों ने लापरवाही की है, तो उसका परीक्षण कराया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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