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विष्णु के सुशासन का एक वर्ष:खुशहाल छत्तीसगढ़ के लिए अपराध नियंत्रण भी जरूरी


यह दो मत नहीं कि भाजपा सरकार बनते ही कुछ हद तक एक साल में छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार की लगी जंक को विष्णु सरकार ने धोने की कोशिश की और युवाओं तथा जनता का विश्वास पाने में सफल हुई। खासकर सीजी पीएससी घोटाले से तात्कालीन कांग्रेस सरकार के प्रति युवाओं में आक्रोश और उदासी छायी हुई थी और युवाओं ने समझा कि बड़े पदों पर सिर्फ रसूखदारों का ही आधिपत्य होगा। जिस तरह से सीजी पीएससी के चेयरमेन टामन सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों, राजनेताओं के बच्चों, अधिकारियों के बच्चों को सलेक्ट कर डिप्टी कलेक्टर जैसे पदों पर नियुक्ति दे दी। विपक्ष में रहकर भाजपा ने जिस कदर पीएससी घोटाले को उजागर किया और जांच की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार आती है तो सीजीपीएससी घोटाले के आरोपियों को जेल भेजेंगे। युवाओं ने भाजपा पर भरोसा किया और भ्रष्ट कांग्रेस शासन को उखाड़ फेंका। कई मामलों में कांग्रेस की तात्कालीन सरकार ने प्रदेश को लूटा और भाजपा के कहे अनुसार एटीएम बनकर छत्तीसगढ़ के करोड़ों रूपयों को दिल्ली भेजा। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने गत विधानसभा चुनाव के पूर्व कांग्रेस पर हमलावर हुए और केन्द्रीय एजेंसियों की कार्यवाही से डीएमएफ घोटाला, कोयला लेवी घोटाला, महादेव सट्टा एप में कांग्रेसियों और अधिकारियों की संलिप्ता उजागर हुई। जनता ने भाजपा पर स्वच्छ सरकार देने की अपेक्षा के साथ बंपर वोट दिया और प्रदेश में विष्णु के सुशासन का सूर्योदय हुआ।
मातृ शक्ति सशक्त हुई आर्थिक दृष्टि से। महतारी वंदन योजना से महिलाओं में भी उत्साह था और मातृ शक्ति ने भी भाजपा को जिताने में अहम भूमिका निभाई। कांग्रेस 72 से 35 में सिमट गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की छवि से भाजपा को बेहद लाभ हुआ तथा 54 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनी और लोगों को उम्मीद थी कि फिर से डॉ रमन सिंह मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन भाजपा ऐसी पार्टी है जो सभी को अवसर देती है। आदिवासी क्षेत्रों में भाजपा को एकतरफा जनादेश मिला और वरिष्ठ आदिवासी नेता विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ की कमान सौंप दी गई।
सरल, सौम्य और सबकी सुनने वाले विष्णुदेव साय ने मोदी की गारंटी और विष्णु का सुशासन के ध्येय वाक्य को लेकर कुर्सी संभाली और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए काम प्रारंभ किया। 13 दिसंबर 2023 को कुर्सी संभालने के बाद विष्णु सरकार ने उन 18 लाख गरीब परिवारों की सुध ली, जो भूपेश सरकार के समय छत का इंतजार करते-करते थक गए लेकिन गरीबों को पीएम आवास से वंचित कर दिया। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास नहीं बना,इसके लिए भूपेश सरकार ने केन्द्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा कर जनता को गुमराह करने की कोशीश की। यदि गरीब हित का जज्बा भूपेश सरकार में रहता तो वह सडक़ की लड़ाई लड़ती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अपना पल्ला झाडक़र गरीबों का बड़ा नुकसान किया।
आज गरीब परिवार को रोटी, कपड़ा और मकान की सबसे ज्यादा जरूरत रहती है। भूपेश सरकार ने रोटी और कपड़ा का जुगाड़ तो कर दिया, लेकिन गरीबों का सपना उस समय चकनाचूर हो गया, जब 18 लाख प्रधानमंत्री आवास को बनने ही नहीं दिय और आरोप मढ़ दिया केन्द्र पर । भ्रष्ट शासन 5 साल में ही उखड़ गया।
भूपेश सरकार ने प्रदेश में ऐसी-ऐसी योजनाएं लायी, जिसे भाजपा के लोग कभी सोच भी नहीं सकते थे। प्रारंभिक काल में भूपेश सरकार का ग्राफ बढ़ता गया और भाजपा को भी चिंता हो गई थी कि क्या फिर भूपेश रमन की तरह 15 साल राज करेंगे। दो साल बाद डीएमएफ में 20 से 30 प्रतिशत की कमीशन खोरी ने भूपेश सरकार को जमीन से उठाकर आसमान में उडऩे के लिए मजबूर कर दिया और भूपेश सरकार की लूट की वजह से राजनेता, कुछ कमीशनखोर अधिकारी हवा में उडऩे लगे और भूपेश सरकार की जमीन से लगाव हटता गया और भूपेश का राज सार्वजनिक होने में देर नहीं लगी, क्योंकि ईडी ने जनता को दिखा दिया कि भूपेश सरकार जनता की हितैषी नहीं बल्कि, लूटेरी सरकार है। चुनाव आते-आते जनता ने भूपेश सरकार की जमीनी हकीकत को भांप लिया और कुर्सी से उतार दिया। भूपेश की अकल्पनीय योजनाएं धरातल पर उतरी ही नहीं।
भूपेश की बड़ी सोच जनता को भाने लगी थी। भूपेश की सोच थी कि जब तक हम गांव को स्वावलंबी नहीं बनाएंगे, तब तक प्रदेश की तरक्की नहीं हो सकती। भूपेश ने ग्रामीणों को स्वावलंबी बनाने के लिए किसानों के लिए खजाना खोल दिया, रीपा की नई योजना को देश भर में प्रशंसा मिली, आदिवासी संस्कृति और विरासत को नई पहचान मिली, रामवनपथ गमन योजना से प्रदेश की पहचान पूरे देश में होने लगी। इसके बावजूद भी एक गलती ने भूपेश की बड़ी सोच को बदल दिया। भ्रष्टाचार का बड़ा बोलबाला और अधिकारियों की निरंकुशता ने जनता को भूपेश सरकार के प्रति मोह भंग करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
अब जब भाजपा का सुशासन आया है तो विष्णु देवसाय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के लिए खजाना खोल दिया, तेंदू पत्ता संग्राहकों को समृद्धि का नया रास्ता दिखाया, रमन सिंह के कार्यकाल की कई बड़ी योजनाएं फिर से प्रारंभ होंगी। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को बड़ी राहत मिल रही है।
विष्णु के सुशासन को आगे बढ़ाने में केन्द्रीय मंत्री नितीन गडकरी, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव, तात्कालीन रेल मंत्री पियुष गोयल की भी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। सडक़ और रेल परिवहन की जाल प्रदेश में बिछने लगी है। रेल और सडक़ परिवहन जितनी सुविधाजनक होगी, उस राज्य की तरक्की को कोई नहीं रोक सकता। प्रदेश में सडक़ें चमचमा रही हैं और प्रदेश आगे बढ़ रहा है।
विष्णु के सुशासन पर कुछ कमजोरियों को भी उजागर करना जरूरी है ताकि सरकार इस ओर भी ध्यान दे और जनता की खुशहाली और बढ़े और प्रदेश के मुखिया का मान बढ़े तथा जनता के दिलों में शासन के प्रति रिश्ता और प्रगाढ़ हो। आज प्रदेश में पुलिसिंग और प्रशासन में कसावट जरूरी है, ताकि प्रदेश की जनता किसी भी अधिकारी या मंत्री के पास आसानी से पहुंच जाए और अपनी समस्याएं बता सके। आज प्रदेश के कई हिस्सों में जिस तरह से अपराध घट रहे हैं, उससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। अपराध के लिए साजिश कर्ताओं का भंडाफोड़ जरूरी है, ताकि विष्णु का सुशासन सूर्योदय की तरह देश में ही नहीं विदेश में भी दैदिव्यमान होता रहे और भाजपा सरकार की उम्र बढ़ती जाए।
पुलिसिंग और प्रशासन को और अधिक चुस्त करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। देखने में आ रहा है कि विभागों के अधिकारी अपनी मर्जी चला रहे हैं और जनता कई विभागों में परेशान दिख रही है। भाजपा सरकार का दावा है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टारलेंस पर सरकार काम कर रही है, लेकिन यह हकीकत से कोसों दूर है। रेत तस्करी पर प्रशासन की कहीं भी सख्ती नहीं दिखाई दे रही है। पीडीएस का चावल राशन दुकानों पर पहुंच रहा है।
हालांकि महतारी वंदन योजना से सरकार स्वयं की पीठ थपथपा तो रही है और समझ रही है कि 1000 की राशि से महिलाओं में सशक्तिकरण हो रहा है और उनकी जरूरतें पूरी हो रही है। दूसरी तरफ भाजपा शासन काल में महंगाई चरम पर पहुंच गई है और उन्हें लगता है कि प्रदेश खुशहाल हो गया है। तरक्की तो हो रही है… इसमें कोई दो मत नहीं, लेकिन महंगाई ने मध्यम एवं गरीब परिवार की कमर ही तोड़ दी है। कोरोना काल के बाद दवाईयों की कीमत 400 गुना बढ़ गई है और सरकार कहती है कि देश आगे बढ़ रहा है। महंगाई पर नियंत्रण जरूरी है। कम से कम जीवन रक्षक दवाईयों की कीमत कुछ सालों तक स्थित रहे, तो लोगों को कुछ राहत मिलेगी, लेकिन यहां दवाईयोंं का दाम भी हरी साग सब्जी की तरह रोज बढ़ रहा है।
खाद्य सामाग्रियों की ही बात करें तो भाजपा सरकार में 1 रूपए जब कीमत कम होती है और सरकार पीठ थपथपाने लगती है कि हमने कीमत कम की, लेकिन वही सामान एक सप्ताह बाद 10 रूपए बढ़ता है तो सरकार का फिर बयान आता है कि हम कीमत कंट्रोल कर रहे हैं। निरंतर खाद्यान्न सहित सभी सामानों की कीमत बढ़ती जा रही है और जनता घूटन सी महसूस कर रही है। आखिर वह दिन कब आएगा जब लोगों को लगे… अच्छे दिन आ रहे हैं। विष्णु के सुशासन में सबसे अहम बात यह है कि प्रदेश में घट रही घटनाओं सहित महिला अपराधों पर नियंत्रण हो और देश के सबसे शांति प्रिय के रूप में विख्यात टापू को राम राज्य की परिकल्पना के आधार पर विकसित, सुंदर, समन्वित विकास की ओर ले जाएं…।

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