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कोरबा में दिव्यांग बच्चों का एकमात्र खेल मैदान छिना:108 बच्चे सड़क पर, तख्ती लेकर कलेक्टर पहुंचे, ग्राउंड में रात में शुरू हुआ भवन निर्माण

कोरबा। कोरबा जिले में संचालित स्पेशल स्कूल के 108 आवासीय दिव्यांग बच्चों के सामने खेल मैदान का संकट खड़ा हो गया है। स्कूल के ठीक सामने स्थित उस खुले मैदान में भवन निर्माण शुरू कर दिया गया है, जहां पिछले 10-12 साल से विशेष जरूरत वाले बच्चे खेलते-कूदते आ रहे थे। अब मैदान में सरिया, सीमेंट, गिट्टी और निर्माण सामग्री बिखरी है, जबकि जगह-जगह गड्ढे भी खोद दिए गए हैं।

निर्माण से नाराज 108 बच्चे हाथों में मांगों की तख्तियां लेकर शिक्षिका मीनाक्षी रतनपारखी के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। बच्चों ने अपना खेल मैदान वापस दिलाने और निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की।

ब्लाइंड और मूक-बधिर बच्चों के लिए यही एकमात्र सुरक्षित जग

स्पेशल स्कूल की शिक्षिका मीनाक्षी रतनपारखी ने बताया कि स्कूल शहर में संचालित है और उसके सामने ही यह खुला ग्राउंड है। इसी मैदान में स्कूल के 108 आवासीय बच्चे रोज खेलते-कूदते हैं। इनमें दृष्टिबाधित, मूक-बधिर और अन्य दिव्यांग बच्चे शामिल हैं।

शिक्षिका के मुताबिक, इन बच्चों के लिए स्कूल के सामने का यह मैदान एकमात्र सुरक्षित खेलने की जगह है। पिछले कई वर्षों से बच्चे इसी मैदान का इस्तेमाल कर रहे हैं।

छुट्टी के बाद और रात में हो रहा निर्माण

मीनाक्षी रतनपारखी ने आरोप लगाया कि अब इसी मैदान पर किसी सरकारी कार्यालय के भवन का निर्माण शुरू कर दिया गया है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य दिन में करने के बजाय शाम को स्कूल की छुट्टी के बाद और आधी रात तक किया जाता है।

निर्माण सामग्री पूरे मैदान में फैली होने और गड्ढे खोदे जाने से बच्चों के लिए मैदान में चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया है।

बच्चों को कुछ हो जाए तो हमारी जिम्मेदारी नहीं

शिक्षिका ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य रोकने के लिए कहने पर ठेकेदार और मजदूरों की ओर से कहा जाता है कि उन्हें यहीं काम करना है और बच्चों को कुछ हो जाए तो उनकी जिम्मेदारी नहीं है।

उनका कहना है कि दृष्टिबाधित बच्चों को मैदान में आने-जाने में सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। निर्माण सामग्री और गड्ढों के कारण उनके चोटिल होने का खतरा बना हुआ है।

पहले भी कलेक्टर कार्यालय में दिए आवेदन

शिक्षिका के अनुसार, इस समस्या को लेकर स्कूल प्रबंधन पहले भी कई बार कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दे चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मंगलवार को सभी 108 दिव्यांग बच्चे अपनी मांगों की तख्तियां लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।

बच्चों की मांग- खेल मैदान वापस मिले, निर्माण तत्काल रुके

कलेक्टर कार्यालय पहुंचे बच्चों ने मांग की कि उनका खेल मैदान उन्हें वापस दिलाया जाए और वहां चल रहा निर्माण कार्य तत्काल बंद कराया जाए। बच्चों और स्कूल प्रबंधन का कहना है कि विशेष जरूरत वाले बच्चों की सुरक्षा और उनके खेल के लिए मैदान को सुरक्षित रखा जाना जरूरी है।

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