कोरबा। कोरबा के इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसी) के गोपालपुर टर्मिनल से निकलने वाले पेट्रोल और डीजल टैंकरों से ईंधन चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई टैंकर पेट्रोल पंप तक पहुंचने से पहले ही ईंधन चोरी का शिकार हो रहे हैं। इससे पेट्रोल पंप संचालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गुरुवार दोपहर टर्मिनल परिसर में एक टैंकर से खुलेआम डीजल निकालते हुए एक वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में कुछ लोग टैंकर खड़ा कर किसान कार्ड की मदद से जेरीकेन में डीजल भरते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि चोरी का डीजल पहले एक खाली टैंकर में जमा किया जाता है, जिसे बाद में बाजार में पेट्रोल पंप की तुलना में कम कीमत पर बेचा जाता है। यह सब टर्मिनल परिसर में अन्य टैंकरों की मौजूदगी के बीच बेखौफ होकर किया जा रहा है।
हर टैंकर से 15–20 लीटर डीजल गायब
जानकारी के अनुसार, गोपालपुर टर्मिनल से प्रतिदिन 200 से अधिक टैंकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना होते हैं। यदि प्रत्येक टैंकर से औसतन 15 से 20 लीटर डीजल निकाला जा रहा है, तो प्रतिदिन तीन हजार से चार हजार लीटर डीजल की चोरी हो रही है।
वर्तमान खुदरा कीमत के हिसाब से इसकी अनुमानित लागत प्रतिदिन लगभग तीन लाख से चार लाख रुपए है। इस प्रकार, एक महीने में डीजल चोरी का अनुमानित नुकसान 90 लाख रुपये से लेकर 1.20 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
शिकायत से डर रहे पेट्रोल पंप संचालक
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि कई बार टैंकर में निर्धारित मात्रा से कम ईंधन पहुंचने पर उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। यदि कोई संचालक या कर्मचारी चोरी रोकने का प्रयास करता है, तो आरोपित विवाद और हाथापाई पर उतारू हो जाते हैं। इसी कारण अधिकांश संचालक खुलकर शिकायत करने से भी बच रहे हैं।
पुलिस ने पहले भी डीजल चोरी के मामलों में कार्रवाई की है, लेकिन इसका कोई स्थायी असर दिखाई नहीं दे रहा है। चोरी का यह सिलसिला लगातार जारी है।
