नई दिल्ली, एजेंसी। SIR में गड़बड़ी के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। जिसमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव,तेजस्वी यादव समेत 11 विपक्षी नेता याचिकाकर्ता हैं। इसमें चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पार्टी बनाया गया है।
इससे पहले विपक्ष के नेताओं ने बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। यह पहली बार है जब विपक्षी नेताओं ने किसी मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। करीब एक किमी लंबे मार्च में विपक्ष के नेता बस में, पैदल और वाहन में सवार हुए।

मार्च के पहले राहुल गांधी ने 40 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष का मार्च शिवजी की बारात की तरह है, इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।
रविवार को विपक्षी सांसदों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को पत्र लिखा था और ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था। लेकिन सीजेआई ने मिलने से इनकार कर दिया था और याचिका दाखिल करने के लिए कहा था।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचे। जहां विपक्षी सांसद इकठ्ठा हुए थे।
प्रियंका गांधी के साथ ममता बनर्जी भी मौजूद रहीं। विपक्ष के प्रदर्शन में 10 पार्टियों के नेता शामिल हुए।
प्रियंका गांधी ने सुप्रीम कोर्ट की ओर पैदल मार्च में हिस्सा लिया। उनके साथ AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा भी रहीं।
राहुल गांधी ने पहले पैदल फिर गाड़ी में सवार होकर मार्च में हिस्सा लिया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया
10 विपक्षी पार्टियों के 11 नेता याचिकाकर्ता
राहुल गांधी — कांग्रेस (INC)
मल्लिकार्जुन खड़गे — कांग्रेस (INC)
सौगत राय — तृणमूल कांग्रेस (TMC)
अखिलेश यादव — समाजवादी पार्टी (SP)
तेजस्वी प्रसाद यादव — राष्ट्रीय जनता दल (RJD)
संजय राउत — (शिवसेना UBT)
एम. ए. बेबी — भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M)
डी. राजा — भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI)
महुआ माझी — झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)
सुप्रिया सुले — राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) (NCP-SP)
ई. टी. मोहम्मद बशीर — इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)
