जांजगीर-चांपा । जांजगीर-चांपा जिले में युक्तियुक्तकरण का विरोध करते हुए शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। जिले के शिक्षक संगठनों ने जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ रैली निकाली है। शिक्षकों का आरोप है कि युक्तियुक्तकरण में शासन की गाइडलाइन की अनदेखी की गई है। आत्मानंद स्कूल और ऑडिटोरियम में नियुक्तियों के लिए अलग-अलग नियम अपनाए गए।
वहीं, जिले के पामगढ़ और अकलतरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में घुसकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की युक्तियुक्तकरण योजना के तहत कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का समायोजन किया जा रहा है। इससे 45 हजार शिक्षकों की नौकरी खतरे में है। साथ ही 10 हजार से अधिक स्कूल बंद होने की आशंका है।

युक्तियुक्तकरण को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
दूर-दराज क्षेत्रों में भेजे गए टीचर
शिक्षकों के मुताबिक, पांच विकासखंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा जारी अतिशेष सूची में सीनियर टीचर को अतिशेष घोषित किया गया है। कनिष्ठ शिक्षकों को उन्हीं विद्यालयों में पदस्थ कर दिया गया है।
आरोप यह भी है कि महिला शिक्षकों को दूरस्थ जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया है। गंभीर बीमारी से पीड़ित वरिष्ठ शिक्षकों को भी दूर-दराज के क्षेत्रों में भेजा गया है। पहली काउंसलिंग में विकल्प अस्वीकार करने वाले शिक्षकों को दंडस्वरूप दूरस्थ विद्यालयों में भेजा गया है।
कलेक्टर करेंगे पूरे मामले की समीक्षा
जिला शिक्षा अधिकारी ने किसी भी प्रकार की गलती से इनकार किया है। उनका कहना है कि युक्तियुक्तकरण शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया है। बम्हनीडीह विकासखंड में लापरवाही के मामले में संबंधित बीईओ पर कार्रवाई की गई है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी।
कांग्रेस के प्रदर्शन में झड़प की स्थिति भी बनी।
पूर्व सरकार की नीतियों को दोहराने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर पूर्व रमन सरकार की नीतियों को दोहराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रमन सरकार ने 3,300 स्कूल बंद किए थे। साथ ही 12,000 शिक्षकों के पद समाप्त कर दिए थे।
प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए बेरिकेड तोड़ दिए। इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की।
