नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दे रहे हैं। स्पीच के दौरान विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी को बोलने दिया जाए, तानाशाही नहीं चलेगी। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि खड़गेजी की उम्र देखते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की इजाजत दी जाए।
इसके बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। मोदी ने कहा कि इन लोगों को कभी न कभी जवाब देना होगा। कांग्रेस के पास न सोच थी, न विजन और न इच्छाशक्ति, इसका परिणाम देश को भुगतना पड़ा। हमारी ताकत इनकी गलतियों को सुधारने में भी जा रही है। दुनिया में जो इमेज भारत की बनी थी, उसे सुधारने में ताकत जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी को बुधवार शाम 5 बजे लोकसभा में भी स्पीच देनी थी, लेकिन विपक्ष के विरोध चलते स्पीकर ओम बिरला ने भाषण टाल दिया। स्पीकर ने कहा कि सदन में पीएम के साथ कुछ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है।
बुधवार शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- जो सही है, वो करो।
ये सांसद मंगलवार को हंगामे के बाद 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन का विरोध कर रही थीं। हंगामे के चलते स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित कर दी। कुछ मंत्रियों ने विपक्षी सांसदों से जाने को कहा, इसके बाद उन्होंने घेराव बंद किया।
