DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

ग्राम ईरफ में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन, किसानों को दी गई प्राकृतिक खेती और कृषक उन्नति योजना की जानकारी

कोरबा। ग्राम ईरफ में अरहर फसल प्रदर्शन क्षेत्र में एक्सटेंशन रिफॉर्म्स आत्मा योजना अंतर्गत जिला के अंदर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के उन्नत और प्रगतिशील किसानों ने अरहर प्रदर्शन क्षेत्र का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। कार्यक्रम में कृषि एवं पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्  विषय वस्तु विशेषज्ञ ने किसानों को अरहर की उन्नत खेती और प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक तौर-तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया। प्राकृतिक खेती को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल लागत में कमी आती है, बल्कि भूमि की उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित रहती है।
पशुचिकित्सा विभाग ने खेती में पशुधन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिना पशुधन के प्राकृतिक खेती की कल्पना अधूरी है। गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत व घनजीवामृत तैयार कर किसान अपनी फसलों को रसायन मुक्त और सेहतमंद बना सकते हैं। किसानों को शासन की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना की महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के बदले अन्य लाभकारी फसल लेने पर 15,000 रुपये प्रति एकड़ और धान के साथ अन्य सह-फसल लेने पर 10,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि शासन द्वारा दी जा रही है। किसानों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई।
इस प्रशिक्षण में भ्रमण के दौरान  किसानों को कीट व्याधि की पहचान और उचित प्रबंधन की जानकारी दी गई, इस प्रशिक्षण में आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय कृषक उपस्थित रहे, जिन्होंने कृषि विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान भी किया।

Exit mobile version