कोरबा। प्रशासनिक कवायद के बाद भी स्कूलों की दशा नहीं सुधर पा रही है। 1 अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो जाएगा। हालांकि 30 अप्रैल के बाद गर्मी की छुट्टी लग जाएगी। 16 जून से स्कूलों में बच्चों की हलचल फिर से शुरू हो जाएगी। ऐसे में यह समय स्कूलों की दशा सुधारने के लिए काफी अहम होता है।
जिले में 437 स्कूल भवन ऐसे हैं जिनके मरम्मत की जरूरत है या फिर जर्जर हो चुके हैं। जर्जर हो चुके भवनों के स्थान पर नए भवन बनाए जाने हैं। 3 माह पहले जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए 113 प्रायमरी व मिडिल स्कूलों के भवनों को गिराकर उनके स्थान पर नए भवन बनाने की मंजूरी दे दी थी। वर्तमान स्थिति यह है कि इसमें से 19 स्कूलों की ही दशा सुधारने तेजी से काम हो रहा है, जबकि 94 स्कूल ऐसे हैं जो आज भी यथास्थिति में खड़े हैं। इसके बाद भी उन भवनों में कक्षाएं लगानी पड़ती है। जो वहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए जोखिम बने हुए हैं। मंजूरी के बाद यह उम्मीद बंधी थी कि नए सत्र में बच्चों को नया भवन मिल जाएगा पर यह संभव होता नहीं दिख रहा है।

केस-1: कटघोरा ब्लाक के गवर्नमेंट गर्ल्स प्रायमरी स्कूल छुरी, बालक प्रायमरी स्कूल भाठापारा छुरी का भवन बच्चों को बिठाने के योग्य नहीं है। पूरी तरह जर्जर हो चुके इस भवन के स्थान पर नया भवन बनाया जाना है, पर आज भी खंडहर के रूप में भवन खड़ा है।
केस-2: करतला ब्लाक के गवर्नमेंट प्रायमरी व मिडिल स्कूल केरवाद्वारी में प्रायमरी व मिडिल स्कूल भवन जर्जर हैं। भवन की छत व दीवारों से होकर बारिश का पानी कमरे में जमा हो जाता है। छत व दीवारें जर्जर हो चुकी हैं। बावजूद इसके वहां कक्षाएं लगती हैं। यहां काम नहीं शुरू हो सका है।
केस-3: पाली ब्लाक के कोरबी के आश्रित मोहल्ला में संचालित गवर्नमेंट प्रायमरी स्कूल भवन में बच्चों को बिठाकर पढ़ाने की मजबूरी है। बारिश के समय वहां छुट्टी देनी पड़ती है। कमरे के अंदर छत का प्लास्टर गिर चुका है, जंग लगी सरिया नजर आती है। यहां भी काम कराने की जरूरत है।
जर्जर स्कूल भवनों की सूची दी जा चुकी है : उपाध्याय
जिले के जर्जर व मरम्मत योग्य स्कूल भवनों की जानकारी प्रशासन द्वारा मांगी गई थी। जिसे उपलब्ध करा दिया गया है। कुछ स्कूलों में काम शुरू भी हो गया है। जिन स्कूलों में काम नहीं हो रहा है उसके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्कूलों को व्यवस्थित कर लिया जाएगा।
टीपी उपाध्याय, डीईओ, कोरबा
