लंदन/नई दिल्ली,एजेंसी। भारत ने द ओवल टेस्ट के आखिरी दिन 4 विकेट लेकर 6 रन से मैच जीत लिया। इसी के साथ टीम ने 5 मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी भी 2-2 से बराबर करा ली। मोहम्मद सिराज ने दूसरी पारी में 5 विकेट लेकर मैच पलटा और टीम को रोमांचक जीत दिलाई। सोमवार को मुकाबले के आखिरी दिन इंग्लैंड को 35 रन बनाने थे और 4 विकेट बाकी थे। मोहम्मद सिराज ने 3 विकेट लेकर जीत भारत की झोली में डाल दी।
द ओवल में गुरुवार को इंग्लैंड ने बॉलिंग चुनी। पहली पारी में भारत ने 224 और इंग्लैंड ने 247 रन बनाए। 23 रन से पिछड़ने के बाद भारत ने दूसरी पारी में 396 रन बना दिए। इंग्लैंड को 374 रन का टारगेट मिला। टीम ने 3 विकेट के नुकसान पर 300 रन बना दिए थे। तभी हैरी ब्रूक सेंचुरी लगाकर आउट हो गए। यहां से भारत ने 354 तक इंग्लैंड के 8 विकेट गिरा दिए।

गस एटकिंसन और जोश टंग ने आखिर में टीम को जीत दिलाने की कोशिश की, लेकिन सिराज ने आखिरी विकेट लेकर भारत को करीबी जीत दिला दी। इंजर्ड क्रिस वोक्स भी लेफ्ट हैंड से बैटिंग करने उतरे, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। सीरीज का दूसरा और पांचवां टेस्ट भारत ने जीता, पहला और तीसरा टेस्ट इंग्लैंड के नाम रहा। वहीं चौथा टेस्ट ड्रॉ हुआ।
भारत की जीत के फोटो
मोहम्मद सिराज ने पारी में 5 विकेट झटके। उन्होंने आखिरी दिन 3 विकेट लिए।
गस एटकिंसन का विकेट सेलिब्रेट करते भारतीय खिलाड़ी।
जीत के बाद गले मिलते कप्तान गिल और ओपनर यशस्वी जायसवाल।
भारत की जीत के बाद 2 बयान-
1. शुभमन गिल, कप्तान भारत
दोनों टीमों ने बढ़िया प्रदर्शन किया। हर मैच आखिरी दिन तक पहुंचा, जो कि दोनों टीमों का प्रदर्शन बताता है। जब सिराज-प्रसिद्ध जैसे गेंदबाज गेंदबाजी कर रहे होते हैं, तो कप्तान के रूप में ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं होती है। दोनों जानते हैं गेंद को कैसे हरकत कराना है।
गिल ने कहा-
हमें पता था कि इंग्लैंड के खेमे में दबाव है और हम इसी सोच के साथ आए थे कि उनके ऊपर से दबाव कम नहीं होने देना है। इस प्रदर्शन से मैं खुश हूं और इस सीरीज से पहले मैंने काफी मेहनत की थी। यह मानसिक और तकनीकी दोनों तौर पर सुधार करने के बारे में था और दोनों चीजें एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं।
2. बेन स्टोक्स, इंग्लिश कप्तान
मेरे लिए गेम ना खेल पाना कठिन रहा है। इंग्लैंड-भारत सीरीज हमेशा खास रही है। हर कोई अपने देश को रिप्रिजेंट करने आता है। जब मैच की शुरुआत में आपका एक गेंदबाज कम हो जाता है, दूसरे गेंदबाजों पर दबाव और जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
