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सूरजपुर में 7 करोड़ का धान गायब, जांच से हड़कंप:चार समितियों और एक राइस मिल की जांच में गड़बड़ी का खुलासा, FIR की तैयारी

सूरजपुर,एजेंसी। सूरजपुर जिले की चार समितियों और एक राइस मिल की जांच में 7 करोड़ रुपए से अधिक का धान गायब मिला है। करोड़ों के धान गायब होने की खबर से हड़कंप मच गया है। अभी बाकी समितियों की जांच पूरी नहीं हो पाई है। सूरजपुर कलेक्टर ने सभी समितियों की जांच के निर्देश दिए हैं।

सूरजपुर कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश पर राजस्व, खाद्य विभाग और मंडी की संयुक्त टीम ने चार सहकारी समितियों और एक राइस मिल की जांच की। जांच में समितियों और राइस मिल से कुल 23,808 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसकी कीमत 7 करोड़ 38 लाख रुपये है।

धान गायब मिलने के बाद समितियों के खरीदी केंद्र प्रभारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं, राइस मिल को प्रशासन ने सील कर दिया है।

चार समितियों में पकड़ी गई गड़बड़ी सूरजपुर कलेक्टर ने राजस्व, खाद्य और मंडी की टीम को निर्देश दिए कि सहकारी समितियों और राइस मिलों में खरीदे गए धान का भौतिक सत्यापन किया जाए। टीम ने सावारावां समिति की जांच की। जांच में समिति से 2,588 क्विंटल धान गायब पाया गया। गायब धान की कीमत 80 लाख रुपये से अधिक है।

भौतिक सत्यापन में बड़ी मात्रा में गायब मिला धान

भौतिक सत्यापन में बड़ी मात्रा में गायब मिला धान

संयुक्त टीम ने प्रतापपुर ब्लॉक के टुकुडांड धान उपार्जन केंद्र में धान के स्टॉक का सत्यापन किया। जांच में यहां से खरीदे गए धान में 16,032 बोरी (6,412 क्विंटल) धान कम मिला। गायब धान की कीमत एक करोड़ 98 लाख रुपये से अधिक है।

संयुक्त टीम ने भैयाथान ब्लॉक के शिवप्रसादनगर खरीदी केंद्र का भौतिक सत्यापन किया। यहां दर्ज रिकार्ड से 13,880 बोरी ( 5,552 क्विंटल) धान कम पाया गया। गायब धान की कीमत एक करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक है।

प्रशासनिक टीम ने धान उपार्जन केन्द्र सूरजपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण में समिति में दर्ज खरीदे गए धान में 16,526 बोरी ( 6,610 क्विंटल) धान कम मिला है। गायब धान की कीमत दो करोड़ चार लाख रुपये है।

राइस मिल को किया गया है सील

राइस मिल से गायब मिला 83 लाख का धान

सूरजपुर जिले के लक्ष्मणपुर दतिमा में स्थित श्याम श्री एग्रो राइस मिल की जांच प्रशासनिक अमले ने की। जांच के दौरान राइस मिल में 29574 क्विंटल धान का स्टॉक पाया गया। यह धान सहकारी समितियों से कस्टम मिलिंग के लिए उठाया गया था। राइस मिल में 2706 क्विंटल धान कम मिलाए जिसकी कीमत 83 लाख रुपए से अधिक है। राइस मिल को सील कर दिया गया है।

समितियों के प्रभारियों को नोटिस

धान खरीदी में करोड़ों की गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद समितियों के प्रभारियों को नोटिस जारी किया गया है। समितियों के प्रभारियों से पूछा गया है कि कम पाया गया धान कहां गया। मामले में प्रशासन द्वारा FIR दर्ज कराने की तैयारी है।

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