0 कांग्रेस ने मनायी नेहरू जी की 61वीं पुण्यतिथि
कोरबा। स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में पदस्थ होने के बाद 17 वर्षों तक अपने सफल कार्यकाल में पं. जवाहर लाल नेहरू ने देश को मजबूत औद्यौगिक ढांचा प्रदान किया। वैज्ञानिक रूप से देश को समृद्ध किया, हारित क्रांति को साकार किया, गुट निरपेक्षता की नीति को देशहित में सफलतापूर्वक लागू किया तथा विश्व बंधुत्व एवं शंातिपूर्ण सहअस्तित्व के सिद्धांतों को सुदृढ़ कर भारत को विश्व के नक्शे पर महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। उक्त कथन पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा द्वारा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्व. पंडित जवाहर लाल नेहरू जी की 61वीं पुण्यतिथि पर जिला कांग्रेस कार्यालय टी पी नगर कोरबा में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, राष्ट्र निर्माता पं. जवाहर लाल नेहरू ने महात्मा गंाधी के साथ स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लिया और देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि भारत रत्न पं. जवाहर लाल नेहरू ने भारतीय क्षीतिज पर एक लम्बे समय तक अपनी आभा फैलाए हुए सभी क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ी और भारतीय राजनीतिक एवं सामाजिक चिंतन के इतिहास में अमर स्थान बना लिया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष नत्थुलाल यादव ने कहा कि एक ऐसे कुशल राजनीतिज्ञ, सामाजिक एवं आर्थिक चिन्तक, उच्चकोटि के लेेखक, पंचशील सिद्धांत के संस्थापक, अर्थशास्त्री मानवतावाद के प्रबल समर्थक सहित बहुमुखी प्रतिभा के धनी पं. नेहरू जी को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा -पंडित नेहरू केवल राजनीतिज्ञ नहीं थे अपितु वे एक बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न महान पुरूष थे। मानवीय संवेदनाओं से भरपूर व्यक्तित्व के धनी पं. जवाहर लाल नेहरू को पूरे विश्व के लोगों का अभूतपूर्व प्यार और सम्मान मिला।
जिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सपना चैहान ने कहा कि पं. नेहरू ने भारत में लोकतंत्र को सबल बनाने में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा सभी को मानवीय प्रतिष्ठा और समानता प्रदान करने के लिए निरंतर अथक प्रयास करते रहे।
सांसद प्रतिनिधि सुरेश सहगल ने कहा कि पं. नेहरू बच्चों में और भी अधिक लोकप्रिय थे। पं. नेहरू भी बच्चों के साथ बच्चे बन जाते थे। बच्चों में इनकी लोकप्रियता के कारण ही इन्हें चाचा नेहरू कहा जाने लगा और उनके जन्मदिन को आज भी हम बाल दिवस के रूप में मनाते हैं।
पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी ने बताया कि नेहरू जी उच्चकोटि के लेखक थे जिन्होंने डिस्कवरी ऑफ इंडिया एवं ग्लिम्पिसज ऑफ वल्र्ड हिस्ट्री लिखी। इन दोनों पुस्तकों में वह सब कुछ है, जो नेहरू को एक बड़े विद्वान के रूप में प्रस्तुत कर सकता है।
नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने कहा कि सर्व प्रतिभा सम्पन्न तथा उनकी बहुमुखी प्रतिभा एवं स्वभाविक उदारता सोने में सुहागा का कार्य करती थी। निश्चय ही पं. नेहरू भारत के रत्न थे।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में सर्वप्रथम पं. नेहरू जी के तैल्यचित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित तथा दो मिनट का मौन रख कर उन्हे श्रद्धांजलि दी गई तथा पं. नेहरू की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके विचारों तथा सिद्धांतो को आत्मसात करने संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर पार्षद नारायण कुर्रे, वरिष्ठ कांग्रेस नेता लक्ष्मी नारायण देवांगन, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री कु.शांता मंडावे, सेवादल के अध्यक्ष प्रदीप पुरायणे, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, गिरधारी बरेठ, पवन विश्वकर्मा, पूर्व एल्डरमेन आशीष अग्रवाल, भरत साहू, राजकुमार श्रीवास, बजरंग अग्रवाल, राजेश यादव, यशवंत चैहान, सुशांत कुमार, असमत अली, भोला श्रीवास, राजेश श्रीवास, निकेतन गभेल, विवेक श्रीवास, कमलेश गर्ग आदि ने पं.नेहरू के तैलचित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर पं. नेहरू जी की जीवनी पर प्रकाश डाला।
पंडित नेहरू देश के महान प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने गुट निरपेक्ष सिद्धांत के साथ देश को आगे बढ़ाया-जयसिंह अग्रवाल
