विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का किया गया आयोजन
छायाचित्रों के माध्यम से विभाजन की विभीषिका और वंदेमातरम् की स्मृतियों को किया गया प्रदर्शित
कोरबा । भारत विभाजन की विभीषिका की स्मृति में आज पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, कलेक्टर कुणाल दुदावत, जनप्रतिनिधि एवं वक्ता गोपाल मोदी, निगमायुक्त आशुतोष पांडेय तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन सहित डॉ. राजीव सिंह, पार्षद नरेंद्र देवांगन, अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर राष्ट्र गान और राष्ट्रीय गीत भी गाया गया।

विभाजन की विभीषिका को एक बड़ी त्रासदी बताते हुए मुख्य अतिथि लखनलाल देवांगन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद का दायित्व संभालने के बाद इस महत्वपूर्ण दिवस को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस त्रासदी को याद रख सकें। उन्होंने कहा कि देश की आजादी से पहले विभाजन के दौरान अनेक परिवारों को अपना घर-द्वार और रिश्तेदारों को छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग ज्यादती और जुल्म के शिकार भी हुए। उन्होंने विभाजन से पीड़ित परिवारों को नमन करते हुए कहा कि हम सभी देशवासी मिल-जुलकर रहें और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करते हुए देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। साथ ही देश की एकता और अखंडता को सदैव कायम रखें।
कार्यक्रम में वक्ता के रूप में गोपाल मोदी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने विभाजन के दौरान घटित घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि नई पीढ़ी के लिए यह जानना जरूरी है कि देश की आजादी से पहले किस तरह लोगों को विभाजन का दंश झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा और उससे जुड़े अनुभवों को स्मरण करना हमें सामाजिक सौहार्द, एकता और भाईचारे के महत्व का बोध कराता है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि विभाजन के बाद नई सीमारेखा और नए नक्शे के आधार पर देश की सीमाएं निर्धारित हुईं। विभाजन के दौरान लाखों परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने सभी नागरिकों से देश में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने का आह्वान किया। साथ ही स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कोसाबाड़ी से आईटीआई चौक तक पैदल मार्च भी किया। इस दौरान लोगों को विभाजन की त्रासदी और देश की एकता-अखंडता के महत्व का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम स्थल पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी में विभाजन विभीषिका से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों एवं वंदेमातरम् की स्मृतियों को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभाजन के दौरान पीड़ित परिवारों के संघर्ष एवं विस्थापन की पीड़ा को दर्शाने वाले छायाचित्रों के माध्यम से इतिहास को समझा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
