कोरबा, 25 सितंबर 2026। SECL मानिकपुर ओपनकास्ट परियोजना की उत्पादन क्षमता 5.25 MTPA से बढ़ाकर 7.0 MTPA किए जाने के प्रस्ताव पर आज आयोजित पर्यावरणीय जनसुनवाई में ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने प्रभावित किसानों एवं भू-विस्थापित परिवारों की ओर से गंभीर आपत्तियां एवं सवाल दर्ज कराए।
समिति ने स्पष्ट किया कि वह विकास और कोयला उत्पादन के विरोध में नहीं है, लेकिन पुरानी परियोजना से प्रभावित परिवारों के मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के मामले लंबित रहते हुए उत्पादन विस्तार का प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
जनसुनवाई में समिति ने मुख्य रूप से लंबित मुआवजे की ग्रामवार सूची सार्वजनिक करने, 1963-64 में प्रभावित परिवारों के रोजगार का स्पष्ट हिसाब देने, परियोजना से प्रभावित परिवारों को मिले रोजगार का विवरण सार्वजनिक करने तथा पुराने लंबित मामलों के निपटारे की समयसीमा तय करने की मांग रखी।
इसके साथ ही पुनर्वास स्थलों पर सड़क, पेयजल, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधा एवं निस्तारी जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई। 7.0 MTPA विस्तार के बाद धूल, वायु एवं जल प्रदूषण तथा शोर के संभावित प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन और उसकी रिपोर्ट ग्रामीणों को उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
समिति ने जलस्रोतों पर प्रभाव, Air Quality, Water Quality एवं Noise Monitoring की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, खनन समाप्ति के बाद प्रभावित भूमि के पुनर्वास, पुनर्स्थापन एवं उपयोग की स्पष्ट योजना प्रस्तुत करने तथा भविष्य की पुनर्वास, रोजगार एवं पर्यावरणीय निगरानी में प्रभावित ग्रामों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग की।
समिति की प्रमुख मांगें
- पुराने लंबित मुआवजा, रोजगार एवं पुनर्वास मामलों की ग्रामवार सूची जारी की जाए।
- पात्र भू-विस्थापित परिवारों के रोजगार संबंधी मामलों का समयबद्ध निराकरण किया जाए।
- प्रभावित ग्रामों की मूलभूत सुविधाओं की स्थिति स्पष्ट की जाए।
- 7.0 MTPA विस्तार के पर्यावरणीय प्रभाव की नियमित निगरानी एवं रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- जनसुनवाई में ग्रामीणों द्वारा उठाई गई प्रत्येक आपत्ति एवं मांग को Minutes of Public Hearing में शब्दशः दर्ज किया जाए।
- पुराने प्रभावित परिवारों के लंबित अधिकारों का समाधान होने तक केवल उत्पादन बढ़ाने को विकास का पूर्ण पैमाना न माना जाए।
सपुरन कुलदीप ने कहा कि समिति का उद्देश्य विकास रोकना नहीं, बल्कि प्रभावित किसानों और भू-विस्थापित परिवारों के अधिकारों के साथ न्यायपूर्ण विकास सुनिश्चित करना है।

