कोरबा। कोरबा में सोमवार देर शाम मौसम बदलने के साथ ही शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। रात करीब 7 बजे शुरू हुई बिजली कटौती देर रात 11-12 बजे तक जारी रही, जिससे शहर के कई इलाकों में चार घंटे तक अंधेरा पसरा रहा। भीषण उमस और गर्मी के बीच बिजली गुल होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

सबसे अधिक नाराजगी एसईसीएल 15 ब्लॉक कॉलोनी और आसपास की बस्तियों में देखने को मिली। रात करीब 10-11 बजे तक बिजली नहीं आने पर महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में तुलसी नगर स्थित विद्युत सब स्टेशन पहुंच गए।
सब स्टेशन पहुंचे रहवासी, नहीं हुई सुनवाई
लोगों ने अधिकारियों से बिजली कटौती का कारण पूछा, लेकिन उनका आरोप है कि संबंधित कर्मचारी बिना संतोषजनक जवाब दिए वहां से चले गए।
महापौर के घर पहुंचकर जताया विरोध
सब स्टेशन पर सुनवाई नहीं होने से नाराज लोग सीधे महापौर के निवास पहुंच गए। उन्होंने बिजली संकट की जानकारी देते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। महापौर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर जल्द बिजली बहाल करने के निर्देश दिए। इसके बाद देर रात प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी।
शॉर्ट सर्किट से बार-बार आ रही परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि एसईसीएल 15 ब्लॉक क्षेत्र में पिछले कई दिनों से शॉर्ट सर्किट की समस्या बनी हुई है। कुछ दिन पहले बिजली के खंभे में आग लगने के कारण भी घंटों बिजली बाधित रही थी। सोमवार रात भी शॉर्ट सर्किट के चलते आपूर्ति ठप हो गई।
कई कॉलोनियां रहीं प्रभावित
विद्युत विभाग के अनुसार, मौसम बदलने और लोड बढ़ने से तकनीकी फाल्ट उत्पन्न हुए, जिससे एसईसीएल सुभाष ब्लॉक, एसबीएस कॉलोनी सहित कई इलाकों में देर रात तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। विभाग ने बताया कि फाल्ट दूर करने का काम लगातार किया गया।
उमस, अंधेरा और कारोबार पर असर
बिजली कटौती से लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। उमस के कारण बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानी हुई। विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित रही, जबकि रात के अंधेरे में सांप-बिच्छू निकलने का डर भी लोगों को सताता रहा। व्यापारियों ने बताया कि लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से आइसक्रीम पार्लर और अन्य दुकानों में रखा सामान भी खराब हो गया।
