कोरबा। एतमानगर समूह जल प्रदाय योजना के लिए पाइपलाइन बिछाने सड़क ही नहीं नहर को भी बर्बाद कर रहे हैं। कटघोरा डायवर्सन के नहर किनारे बिना अनुमति के खुदाई की गई है। इससे विभाग को मिट्टी की जरूरत पड़ने पर मुश्किल होगी।
पीएचई के अफसरों की लापरवाही से विभागों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। एतमानगर समूह जलप्रपात योजना की पाइपलाइन, ट्रीटमेंट प्लांट व इंटेकवेल का काम 385 करोड़ का है। इसके बाद भी ठेकेदार और विभाग के अफसर मनमानी करने में लगे हैं। इसके कारण योजना की सफलता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सड़क से साढ़े 12 मीटर दूर पाइपलाइन बिछानी है। इसके बाद भी सड़क के शोल्डर की खुदाई कराई जा रही है। यही नहीं, कटघोरा डायवर्सन के लिए जुराली होकर निकली नहर के किनारे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। पाइपलाइन बिछाने विभाग से अनुमति भी नहीं ली है। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और नहर का काम कराने फिर से पाइप को निकालना पड़ेगा। इसके लिए राशि कहां से मिलेगी, यह अफसर बता नहीं रहे हैं। अधूरी प्लानिंग से योजना का लाभ भविष्य में लोगों को नहीं मिल पाएगा। इसमें ठेका कंपनी के साथ ही काम देखने वाले इंजीनियरों की भूमिका बताई जा रही है, जिन्होंने पेटी पर काम दे दिया है। इसकी मॉनिटरिंग करने के बजाय इंजीनियर ठेकेदार की भूमिका निभा रहे हैं।
पाइपलाइन बेचने नहीं ली अनुमति: ईई चौधरी ^जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता नयन रंजन चौधरी ने बताया कि नहर किनारे पाइपलाइन बिछाने कोई अनुमति नहीं ली गई है। अगर नहर को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं तो इसकी जांच करेंगे।
