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कानपुर में विमान क्रैश, पायलट और ट्रेनी की मौत:प्लेन में अचानक धमाका हुआ, फिर नीचे गिरा, दोनों बाहर नहीं निकल पाए

कानपुर, एजेंसी। यूपी के कानपुर में ट्रेनिंग विमान क्रैश हो गया। हादसे में पायलट और ट्रेनी की मौत हो गई। विमान ने गुरुवार सुबह 11:30 बजे उड़ान भरी थी। 11:50 बजे यानी उड़ान के महज 20 मिनट बाद गंगा बैराज के पास 5 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल से टकराकर खेत में जा गिरा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान करीब 200-250 फीट ऊपर था। तभी अचानक हवा में डगमगाया और क्षतिग्रस्त हो गया। नीचे गिरते ही पूरा विमान टूटकर बिखर गया। पुर्जे दूर तक बिखर गए। हालांकि, विमान में आग नहीं लगी।

हादसे से जुड़े वीडियो सामने आए हैं। इनमें दिख रहा है कि जमीन में गिरने के बाद विमान मलबे में तब्दील हो गया। एक पायलट कॉकपिट के पास फंसा था। दूसरा गंभीर हालत में विमान से थोड़ी दूर खून से लथपथ पड़ा था। विमान की एक सीट भी टूटकर बाहर आ गई। करीब 12:15 बजे पुलिस-प्रशासन की टीम पहुंची।

खून से लथपथ गुजरात के पायलट सचिन भाटिया (29) और महाराष्ट्र के पनवेल के रहने वाले ट्रेनी अभिषेक पुजारी (28) को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों पायलट की मौत ऊंचाई से गिरने की वजह से हुई। शरीर में मल्टीपल इंजरी हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट वजह सामने आएगी।

मौके पर पहुंचे कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा-

चकेरी स्थित गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से विमान ने उड़ान भरी थी। 20 मिनट बाद 39 किमी दूर नाथपुरवा गांव में क्रैश हो गया। पायलट के पास 3000 घंटे उड़ान का अनुभव था। डीजीसीए (DGCA) को जानकारी दे दी गई है। अब उनकी टीम जांच-पड़ताल करेगी।

हादसे की तस्वीरें –

कानपुर में ट्रेनी एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया। हादसे के बाद एक पायलट एयरक्राफ्ट में ही फंसकर मौत हो गई।

हादसे के बाद एयरक्राफ्ट के परखच्चे उड़ गए। उसके पुर्जे करीब 20 से 30 फीट तक बिखर गए।

हादसे के बाद खून से लथपथ दूसरे पायलट को किसी तरह एयरक्राफ्ट से बाहर आया। हालांकि, थोड़ी देर बाद उसकी भी मौत हो गई।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। आसपास के इलाके को सील कर दिया।

पायलट सचिन भाटिया को 3 हजार घंटे उड़ान का अनुभव था। एक्सपर्ट बताते हैं कि विमानन क्षेत्र में इतने घंटे की उड़ान को बेहद अहम जाना जाता है।

हादसा कैसे हुआ? विमान में कोई तकनीकी कमी आई या कोई मानवीय गलती हुई, इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं।

प्रत्यक्षदर्शी बोले- धमाके के साथ गिरा विमान

सर्वेश ने बताया- मेरे खेत में ही विमान गिरा। मैं सुबह 10 बजे तक यहीं था। फिर घर चला गया। बाद में फोन आया कि तुम्हारे खेत में विमान गिरा है। इसके बाद मैं भागकर आया। यहां देखा तो दोनों पायलट जमीन पर गिरे पड़े थे।

नाथपुरवा गांव के रोहित निषाद ने बताया- मैं खेत पर काम कर रहा था। ऊपर देखा तो एक एयरक्राफ्ट उड़ रहा था। अचानक वह नीचे की ओर गिरने लगा। धमाके की आवाज के साथ जमीन पर गिरा। हालांकि, आग नहीं लगी।

1 किमी. की दूरी पर है रिहायशी बस्ती

जहां हादसा हुआ, वहां से रिहायशी बस्ती करीब एक किमी दूर है। ग्रामीणों ने बताया कि विमान करीब 4-5 मिनट तक हवा में उड़ता रहा। फिर अचानक गिरा। अगर बस्ती के ऊपर विमान गिरता, तो घरों और पब्लिक को नुकसान पहुंच सकता था।

विमान कानपुर की कंपनी गर्ग एविएशन फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी का था। 1995 में इसकी स्थापना हुई थी। 100 से ज्यादा लोग पायलट की ट्रेनिंग ले रहे हैं। विमान ने फ्लाइंग एकेडमी से ही उड़ान भरी थी। 39 किमी दूर क्रैश हो गया। हादसे के बाद डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की तीन सदस्यीय टीम को जांच के लिए रवाना किया गया है। वहीं, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने भी जांच शुरू कर दी है।

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