मुकेश राठौर ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अनियोजित वृक्षारोपण एवं सौंदर्यीकरण की समीक्षा की मांग की
कोरबा। कोरबा शहर में DMF मद से कराए जा रहे वृक्षारोपण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने गंभीर सवाल उठाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आवश्यक है, लेकिन बिना समुचित योजना के केवल राशि खर्च करने के उद्देश्य से किया जाने वाला वृक्षारोपण न तो शहर के हित में है और न ही सार्वजनिक धन के उचित उपयोग की श्रेणी में आता है।
श्री राठौर ने कहा कि कोरबा के प्रमुख मार्गों पर भारी यातायात, सीमित पार्किंग और सड़क की उपयोगी चौड़ाई जैसी समस्याएं पहले से मौजूद हैं। ऐसे में सड़क किनारे पौधे लगाने से पहले भविष्य की यातायात व्यवस्था, पार्किंग, पैदल आवागमन और सड़क विस्तार की संभावनाओं का अध्ययन किया जाना जरूरी है। अन्यथा आज किया गया सौंदर्यीकरण भविष्य में यातायात जाम और पार्किंग की समस्या बढ़ा सकता है।
विद्युत लाइनों के नीचे पौधारोपण पर सवाल
उन्होंने विद्युत लाइनों के नीचे अथवा उनके अत्यंत समीप किए जा रहे पौधारोपण को जनसुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय बताया। श्री राठौर ने कहा कि पौधे आज छोटे हैं, लेकिन भविष्य में पेड़ बनने पर उनकी शाखाओं के विद्युत तारों के संपर्क में आने की आशंका रहेगी, जिससे दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
उन्होंने मांग की कि विद्युत विभाग की तकनीकी सलाह और सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थान निर्धारित किए बिना ऐसे स्थानों पर वृक्षारोपण नहीं किया जाए।
पौधे लगाना ही नहीं, उन्हें जीवित रखना भी जरूरी
श्री राठौर ने पौधारोपण की तकनीकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पौधों के लिए पर्याप्त आकार के गड्ढे, उपयुक्त मिट्टी, खाद, सिंचाई, ट्री-गार्ड और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि लगाए गए पौधों की अगले तीन से पांच वर्षों तक देखभाल, सिंचाई एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण की सफलता केवल पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने और पेड़ बनने से तय होनी चाहिए।
पूर्व के DMF कार्यों का परिणाम भी सामने आए
श्री राठौर ने कहा कि नए कार्यों पर राशि खर्च करने से पहले पूर्व में DMF से कराए गए वृक्षारोपण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर से नगर निगम कार्यालय तक किए गए वृक्षारोपण तथा अंधरी कछार स्कूल के पास लगाए गए फैंसी ग्रास की वर्तमान स्थिति का स्थलवार मूल्यांकन कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि पूर्व के कार्यों का अपेक्षित परिणाम नहीं मिला है तो पहले उसके कारणों और रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। पुराने कार्यों के परिणाम और खर्च की समीक्षा किए बिना लगातार नए कार्यों पर राशि खर्च करना उचित नहीं है।
DMF जनता की अमानत है
श्री राठौर ने कहा कि DMF की राशि किसी विभाग की सामान्य खर्च राशि नहीं, बल्कि जनता के हित की निधि है। इसका उपयोग ऐसे कार्यों में होना चाहिए जिनका स्थायी और वास्तविक लाभ कोरबा की जनता को मिले।
उन्होंने कलेक्टर से वर्तमान कार्यों का तत्काल स्थल निरीक्षण कराने, यातायात एवं पार्किंग की व्यवहार्यता जांचने, विद्युत सुरक्षा परीक्षण कराने, पौधारोपण की तकनीकी गुणवत्ता की जांच तथा पूर्व के DMF कार्यों का खर्च बनाम परिणाम मूल्यांकन कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि भविष्य में DMF से होने वाले वृक्षारोपण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों को समग्र योजना, तकनीकी सुरक्षा और दीर्घकालीन रखरखाव व्यवस्था के बिना स्वीकृति नहीं दी जानी चाहिए।
श्री राठौर ने स्पष्ट किया कि “हम वृक्षारोपण के विरोधी नहीं हैं, बल्कि अनियोजित वृक्षारोपण और सार्वजनिक धन के संभावित दुरुपयोग के विरोधी हैं। जनता के पैसे से ऐसा काम होना चाहिए जिसका परिणाम वर्षों तक दिखाई दे, न कि ऐसा कार्य जो कुछ समय बाद अपनी उपयोगिता खो दे।”

