कोरबा। शहर में सुगम यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस द्वारा ट्रैफिक डायवर्ट या चिन्हित मार्गो को ब्लॉक किया जाता है जिसके लिए स्टॉपर की जरूरत पड़ती है। पुलिस विभाग के पास जरूरत के हिसाब से स्टॉपर नहीं होने से वीवीआईपी आगमन के दौरान पड़ोसी जिलों से स्टॉपर मंगाया जाता है। शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर यातायात व्यवस्था सुगम बनी रहे इसके लिए एक निजी कंपनी की ओर से ट्रैफिक पुलिस को 30 नए ट्रैफिक स्टॉपर प्रदान किए गए हैं। उक्त मौके पर एएसपी द्वय लखन पटले व नीतिश ठाकुर, डीएसएपी ट्रैफिक ज्योत्सना चौधरी समेत ट्रैफिक एएसआई मनोज राठौर, ईश्वरी लहरे व अन्य स्टाफ मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों ने कंपनी के सामाजिक सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ये स्टॉपर शहर के प्रमुख चौराहों पर दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और ट्रैफिक प्रबंधन को सुचारू बनाने में मददगार साबित होंगे।
यातायात व्यवस्था सुधारने पुलिस को मिले 30 स्टॉपर
