ग्राम पंचायत मादन जनपद पंचायत पाली का मामला

कोरबा/पाली। कोरबा जिले की जनपद पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत मादन में मुख्य मार्ग से बस्ती की ओर बन रही सीसी रोड आज ग्रामीण विकास का प्रतीक बनने के बजाय भ्रष्टाचार, लापरवाही और मिलीभगत का उदाहरण बन गई है। जिस सड़क से ग्रामीणों को सुगम आवागमन की उम्मीद थी, वही सड़क, निर्माण के दौरान ही सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि सड़क बनने से पहले ही उखड़ने को तैयार दिखाई दे रही है। ग्रामीणों के अनुसार सीसी रोड निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। सीमेंट, गिट्टी और रेत का अनुपात नियमों के विपरीत बताया जा रहा है। मिलर मशीन से सामग्री तैयार कर जल्दबाज़ी में सड़क निर्माण के लिए डाली जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गुणवत्ता जांच के बिना काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
ग्रामीणों से छीना गया रोज़गार
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जहां हाथ से काम कराकर स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जा सकता था, वहां मशीनों का इस्तेमाल कर उनकी आजीविका छीन ली गई। मनरेगा और अन्य रोजगारपरक योजनाओं की भावना को दरकिनार कर ठेकेदार ने मशीनों के जरिए काम करवाया, जिससे गांव के मजदूर बेरोजगार बैठे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सड़क निर्माण के साथ ही पाइप लाइन डालने के नाम पर कोर कटिंग की तैयारी शुरू कर दी गई है। यानी सड़क पूरी तरह तैयार होने से पहले ही उसे तोड़ने की योजना बना ली गई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि योजना निर्माण और क्रियान्वयन में गंभीर खामियां हैं या फिर यह सब पूर्व नियोजित तरीके से किया जा रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि कुछ ही महीनों में यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन न तो निर्माण रोका गया और न ही किसी तरह की जांच हुई। विरोध के बावजूद अधिकारी मौन बने हुए हैं, जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
ठेकेदार दिखाता है मंत्री , विधायक से पहुंच का धौंस
ग्रामीणों ने बताया कि संबंधित ठेकेदार खुलेआम विधायक और मंत्री तक पहुंच होने की धौंस देता है और शिकायत करने पर बेखौफ बयान देता है। यह स्थिति प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कुछ समय पहले तेंदूपारा में भी इसी ठेकेदार द्वारा बनाई गई सीसी रोड उखड़ने लगी थी। उस मामले में भी शिकायतें हुईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन ठेकेदार के हौसले और बुलंद हो गए हैं और मादन में वही स्थिति दोहराई जा रही है।
सरपंच-सचिव की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की निगरानी करने वाले सरपंच और सचिव तक कार्यस्थल पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचते। उनका ध्यान निर्माण की गुणवत्ता के बजाय कमीशन पर अधिक बताया जा रहा है, जिसके कारण घटिया सामग्री और अधूरा क्योरिंग खुलेआम हो रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो तथा मानकों के अनुरूप दोबारा निर्माण कराया जाए। मादन के ग्रामीणों की यह आवाज़ अब सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ है जो विकास के नाम पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं।
सचिव का मोबाइल उपलब्ध नहीं
प्रतिक्रिया जानने सचिव मोक्ष तंवर के मोबाईल नंबर 9165428199 से कई बार संपर्क साधा गया, लेकिन यह नंबर अभी उपलब्ध नहीं बताया।
