संवाददाता साबीर अंसारी
बांकीमोंगरा/कोरबा। नगर क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ माह पहले ही निर्मित नाली के धंसने से एक ट्रैक्टर उसमें फंस गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू तो किया गया, लेकिन कहीं नाली अधूरी छोड़ दी गई, कहीं पूरी तरह खुली छोड़ दी गई, तो कई स्थानों पर नाली का निर्माण ही नहीं किया गया। अधूरे और घटिया निर्माण के कारण अब आम नागरिकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि जिस विकास कार्य से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी, वही अब परेशानी का कारण बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण से पहले इतनी समस्याएं नहीं थीं, लेकिन अधूरे और गुणवत्ताहीन कार्य के बाद हालात और खराब हो गए हैं।
जब इस संबंध में ठेकेदार से अधूरे निर्माण को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि “अब जितना काम हो गया, उतना ही रहेगा। आगे के निर्माण के लिए अलग से नया टेंडर निकलेगा।” इस जवाब के बाद लोगों में और अधिक नाराजगी देखने को मिल रही है।

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में सरकारी राशि के दुरुपयोग और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी की जाती तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि:
•नाली निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए।
•निर्माण की गुणवत्ता की स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो।
•दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
•अधूरे निर्माण को शीघ्र पूरा कर आम जनता को राहत दी जाए।
क्या घटिया निर्माण और अधूरे कार्य के पीछे केवल लापरवाही है या किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता की भी जांच की जरूरत है?
जनता का सवाल “यह विकास है या वार्ड का विनाश? करोड़ों खर्च होने के बाद भी अगर ट्रैक्टर नई नाली में धंस जाए और लोग रोज परेशान हों, तो जिम्मेदार कौन?”
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर आधे-अधूरे और घटिया निर्माण कार्य कर सरकारी धन की बर्बादी की जा रही है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।
