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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना ने बदली मोहम्मद यासिन की राह, मेहनत से संवरा यासिन का कारोबार

योजना से जुड़कर मिला स्वरोजगार, छोटे खाद्य उद्यम ने परिवार को दी आर्थिक मजबूती

कोरबा 26 सितम्बर 2026। स्वरोजगार को बढ़ावा देने और छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना अनेक परिवारों के लिए अपनी आजीविका को नई दिशा देने का माध्यम बन रही है। कोरबा नगर के वार्ड नंबर 16, बजरंग चौक निवासी मोहम्मद यासिन शेख भी इस योजना से जुड़कर अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सफल हुए हैं।
यासिन बताते हैं कि योजना से जुड़ने से पहले परिवार का जीवन-यापन तो हो रहा था, लेकिन  उनके पास आय का कोई निश्चित साधन नहीं था।  वह खुद का छोटा मोटा व्यवसाय तो करना चाहते थे पर व्यवसाय शुरू करने के लिए पैसे की कमी के कारण नही कर पा रहे थे। परिवार का पूरा सहयोग के बाद भी एकमुश्त बड़ी  राशि लगाने हेतु दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। बैंक से लोन लेने की स्थिति में भारी ब्याज चुकाने के डर से अपना कदम पीछे खींच लेता था।
इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के माध्यम से योजना के सम्बंध में पूरी जानकारी प्राप्त की। लोन में मिलने वाली सब्सिडी, किफायती ब्याज दर और आसान किश्तों में ऋण चुकाने की व्यवस्था ने उन्हें आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। जल्द ही परिवार की सहमति एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ उन्होंने कार्यालय में  आवेदन किया और आटा चक्की एवं हॉलर मिल व्यवसाय के लिए बैंक ऑफ इंडिया से 2.90 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। योजना के अंतर्गत 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिलने से उन्हें एक लाख रुपये से अधिक की राहत मिली, जबकि शेष राशि का भुगतान वे बैंक की किश्तों के माध्यम से कर रहे हैं।
यासीन के लिए यह सहायता केवल व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का आधार बनी। वे कहते हैं, “पहले आमदनी का कोई निश्चित जरिया नहीं था। योजना का लाभ मिलने के बाद अपना काम शुरू कर पाया। अब आसपास  सहित दूसरे मोहल्ले के लोग भी नियमित रूप से धान, गेहूं और अन्य खाद्यान्न पिसाने आते हैं। इससे हर महीने करीब 20 से 25 हजार रुपये की आय हो रही है।”
आज उनकी आटा चक्की एवं हॉलर मिल अच्छी तरह संचालित हो रही है। नियमित ग्राहकों के कारण कारोबार में निरंतरता बनी हुई है और परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में पहले की तुलना में आसानी हो रही है। यासीन के अनुसार, स्वरोजगार के इस अवसर ने उनके परिवार को आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया है और जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आया है। शासन की विभिन्न योजनाओं से मिल रहे सहयोग के साथ वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
लाभार्थी यासीन ने शासकीय योजना के तहत आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश के  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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