मुंबई, एजेंसी। भारत की प्रमुख आईवियर कंपनी Lenskart में एक और बड़ी हिस्सेदारी बिक्री की तैयारी चल रही है। आबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) के समर्थन वाली प्लैटिनम जैस्मीन A 2018 ट्रस्ट कंपनी में अपनी करीब 2.3 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेचने की योजना बना रहा है। यह डील करीब 1,944 करोड़ रुपए की हो सकती है।
हाल ही में जापान के SoftBank ने लेंसकार्ट में अपनी 3.25 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर करीब 2,873 करोड़ रुपए जुटाए थे। लगातार हो रही बड़ी ब्लॉक डील्स ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर लेंसकार्ट की ओर आकर्षित किया है।

4 करोड़ शेयर बेचने की तैयारी
बाजार सूत्रों के अनुसार, प्लैटिनम जैस्मीन A 2018 ट्रस्ट करीब 4 करोड़ शेयर बेच सकता है, जो कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 2.3 प्रतिशत हिस्सा है। इस ट्रस्ट के एकमात्र लाभार्थी ADIA है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े संप्रभु निवेश कोषों में गिना जाता है।
इस ब्लॉक डील के लिए फ्लोर प्राइस 486 रुपए प्रति शेयर रखा गया है, जो लेंसकार्ट के पिछले बंद भाव 500.15 रुपए से करीब 2.8 प्रतिशत कम है। ब्लॉक डील्स में आमतौर पर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बाजार मूल्य के मुकाबले कुछ डिस्काउंट दिया जाता है और इस बार भी वही रणनीति अपनाई गई है।
रू.1,944 करोड़ तक जुटाने की संभावना
यदि पूरी हिस्सेदारी तय फ्लोर प्राइस पर बिकती है तो इस डील का आकार लगभग 1,944 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। यह पूरी तरह सेकेंडरी ट्रांजैक्शन होगी, इसलिए बिक्री से मिलने वाली राशि कंपनी के बजाय हिस्सेदारी बेचने वाले निवेशक को जाएगी। कंपनी को इस डील से कोई नया फंड प्राप्त नहीं होगा। डील पूरी होने के बाद बची हुई हिस्सेदारी पर 90 दिनों का लॉक-अप लागू रहेगा। इसका मतलब है कि निवेशक तय अवधि तक बची हुई हिस्सेदारी को खुले बाजार में नहीं बेच सकेगा।
सॉफ्टबैंक ने भी बेचे थे शेयर
इससे पहले सॉफ्टबैंक समूह की इकाई SVF II Lightbulb (Cayman) Limited ने लेंसकार्ट में अपनी 3.25 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। कंपनी ने करीब 5.65 करोड़ शेयर 508.55 रुपए प्रति शेयर के औसत भाव पर बेचकर करीब 2,873 करोड़ रुपए जुटाए थे। हालांकि इस बिक्री के बाद भी सॉफ्टबैंक की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बनी हुई है।
बड़े निवेशकों की बनी हुई है दिलचस्पी
पिछली ब्लॉक डील में Goldman Sachs सबसे बड़े खरीदारों में शामिल था। इसके अलावा सोसाइट जेनेरल-ओडीआई ने भी बड़ी खरीदारी की थी। फिडेलिटी फंड्स, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, क्वांट म्यूचुअल फंड, कोटक फंड्स, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस जैसे बड़े निवेशकों ने भी हिस्सेदारी खरीदी थी।
