नई दिल्ली, एजेंसी। SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल और प्रियंका गांधी 5 घंटे से ज्यादा समय से दिल्ली के आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे हैं।
राहुल ज्ञानेश कुमार से मिलने के लिए अड़े हैं। उन्होंने कहा, “वे बिना मिले कहीं नहीं जाएंगे। अगर दिल्ली पुलिस को यहां प्रदर्शन से परेशानी है, तो उन्हें दूसरी जगह दे सकती है।”
इस दौरान प्रियंका तिरंगे के सामने हाथ फैलाकर खड़ी नजर आईं, जबकि राहुल ने पुलिस अफसर से कहा- “इन्हें मत छूना।”
इससे पहले इंडिया ब्लॉक का ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ सुबह 10 बजे संसद के मकर द्वार से शुरू हुआ, लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया गया। पुलिस ने मार्च रोका और राहुल-प्रियंका को हिरासत में लेकर बस में बैठाया।
दोनों बस से उतरकर आकाशवाणी परिसर में पहुंचे और पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। इससे पहले अखिलेश सिंह समेत कई सांसदों को हिरासत में लिया गया।
राहुल बोले- 300 सांसदों को ज्ञानेश कुमार से मिलने से रोका
राहुल गांधी ने कहा- 300 लोकसभा और राज्यसभा के सांसद आए थे। हम चाहते थे ज्ञानेश कुमार और उनके दो चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे। पुलिस ने हमें रोका। चुनाव आयोग से 50 गज दूर बैठाकर रखा है हमें जाने नहीं दे रहे हैं। 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं। ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं। अगर जनप्रतिनिधियों से चुनाव आयोग नहीं मिलेगा तो लोकतंत्र का क्या मतलब है। सवाल पूछने पर राहुल ने नाराजगी जताई और कहा कि क्या मैं आपको भाजपा का कार्यकर्ता लगता हूं। भाजपा जो बोले मुझे उसमें कोई इंटरेस्ट नहीं है। मैं लोकतंत्र बचाने यहां खड़ा हूं। अमित शाह, नरेंद्र मोदी, ज्ञानेश कुमार और मोहन भागवत ने देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। देश के युवा ये बात जानते हैं। चुनाव को मोदी-शाह ने हाइजैक किया है और ज्ञानेश कुमार ने उनकी मदद की है। यहां पुलिस वाले भी यही कर रहे हैं। इनमें से कोई भी बचकर नहीं जाएगा। जो इन्होंने देश के साथ किया है, वह देशद्रोह है।
