DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव:2029 से लागू होगा

तेलंगाना सीएम की पीएम को चिट्‌ठी- दक्षिणी राज्यों को सीटें बढ़ाना मंजूर नहीं

नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने 2029 के लोकसभा चुनावों से महिला आरक्षण अधिनियम लागू करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों के अनुसार, इनमें से 815 सीटें राज्यों के लिए और बाकी 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित हैं।

वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। सरकार 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में 2029 से लोकसभा में 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने की योजना बना रही है।

सरकार ने मंगलवार को संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन विधेयक (संशोधन) बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 ड्राफ्ट सभी सांसदों को भेजे हैं।

एक और जरूरी बदलाव जनसंख्या की परिभाषा है। इससे संसद को यह तय करने का अधिकार मिलता है कि सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए किस डेटा को आधार बनाया जाए। इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात कही गई है।

इन बदलावों को 2029 के आम चुनाव से लागू करने की योजना है। हालांकि इस पर विरोध भी शुरू हो गया है। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को चिट्‌ठी लिखकर कहा कि दक्षिणी राज्यों को सीटें बढ़ाना मंजूर नहीं।

कपिल सिब्बल ने कहा- उत्तर भारत को ज्यादा फायदा होगा

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार यह सब 2029 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक फायदा लेने के उद्देश्य से कर रही है। अगर सरकार महिलाओं को 33% आरक्षण देना चाहती है, तो मौजूदा 543 सीटों में ही यह लागू किया जा सकता है। सीटों के पुनर्वितरण से उत्तर भारत को ज्यादा फायदा होगा।

– तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को चिट्‌ठी लिखकर कहा कि संसद में जो 3 बिल लाए जाने हैं, उनको लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। कांग्रेस का रुख स्पष्ट है। वह महिला आरक्षण बिल का समर्थन करती है, लेकिन जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ाने के प्रस्ताव दक्षिणी राज्यों के लिए स्वीकार्य नहीं है। यह देश के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग करने की मांग

दिल्ली में मंगलवार को कई ऐक्टिविस्ट्स ने महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसे लोकसभा और विधानसभाओं की मौजूदा सीटों के आधार पर लागू किया जाए।

सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि परिसीमन को महिला आरक्षण से जोड़कर चुनावी फायदा लेने की कोशिश हो रही है। वहीं, ऐक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज ने कहा कि प्रस्तावित बिलों का ड्राफ्ट अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, जो सूचना के अधिकार के खिलाफ है।

यूपी में सबसे ज्यादा 40 सीटें बढ़ सकती है

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला आरक्षण के बाद यूपी में सबसे ज्यादा 40 लोकसभा सीटें बढ़ सकती है। यहां 80 से बढ़कर 120 हो जाएंगी। महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए 24 सीटें आरक्षित हो जाएंगी। यहां लोकसभा की सीटें 48 से बढ़कर 72 हो जाएंगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार में महिला सीटों की संख्या 20 हो सकती है। यहां कुल सीटें 40 से 60 तक पहुंच सकती है। एमपी में 15 महिला आरक्षित सीटें बढ़ सकती हैं। तमिलनाडु में 20 और दिल्ली में 4 यानी महिला सीटें होंगी। झारखंड में 7 महिला आरक्षित सीटें बढ़ने का अनुमान है।

Exit mobile version