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मितानिनों का मानदेय वृद्धि,संविलियन की मांग को लेकर प्रदर्शन:कोरबा सहित छत्तीसगढ़ में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन जारी रखने का अल्टीमेटम

कोरबा। कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ में गुरुवार को प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के आह्वान पर मितानिनों ने एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्थ डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ने लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जिससे मितानिन कर्मियों में नाराजगी है। चुनावी घोषणा पत्र में उनके मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत संविलियन का आश्वासन दिया गया था। तीन साल बीतने के बाद भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।

मितानिन कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली

गुरुवार को जिले के विभिन्न विकासखंडों से बड़ी संख्या में मितानिन कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचीं। उन्होंने घंटाघर से कलेक्ट्रेट तक बैनर-पोस्टर और नारों के साथ रैली निकाली।

प्रदर्शन के दौरान मितानिनों ने स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उनके प्रयासों और वर्तमान चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल से लेकर अब तक वे फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में कार्यरत हैं, लेकिन उनका मानदेय बहुत कम है, जिससे महंगाई में परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो रहा है।

वेतन बढ़ोतरी और एनएचएम में संविलियन

प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मितानिनों ने चुनावी घोषणा पत्र के वादे के अनुसार मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि और एनएचएम में संविलियन कर स्थायित्व प्रदान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात थे। इसी दौरान घंटाघर पर मितानिनों को सरदार वल्लभ भाई पटेल की याद में नए कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के संबंध में जागरूक करने के लिए पम्पलेट वितरित किए गए और कानून की जानकारी दी गई।

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