जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा के हॉकी मैदान में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संघ के नेतृत्व में 110 से अधिक संगठनों ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।

प्रमुख मांगों में लंबित डीए का भुगतान शामिल है। कर्मचारी जीपीएफ संबंधी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती की मांग की गई है। संविदा और दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण की मांग भी प्रमुख है। साथ ही अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग रखी गई है।
आम जनता की बढ़ी परेशानियां
धरने का असर जिले के शासकीय दफ्तरों और अस्पतालों की सेवाओं पर दिखा। आम जनता को इससे परेशानियों का सामना करना पड़ा। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं। लेकिन उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और तेज होगा। उनका आरोप है कि सरकारी लापरवाही से हजारों कर्मचारी आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं। फिलहाल कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं। अब सबकी नजर प्रदेश सरकार के अगले कदम पर टिकी है।
