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3 फरवरी को गेवरा खदान बंद कर भू विस्थापित करेंगे प्रदर्शन

प्रबंधन के साथ वार्ता विफल, किसान सभा ने कहा-प्रभावितों को नहीं मिल रहा 100% वैकल्पिक रोजगार

कोरबा/गेवरा। छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू विस्थापित रोजगार एकता संघ द्वारा एसईसीएल के गेवरा खदान से प्रभावित भू विस्थापित किसानों को वैकल्पिक रोजगार के साथ हेवी ब्लास्टिंग पर रोक लगाने के साथ 5 सूत्रीय मांग को लेकर 3 फरवरी को एसईसीएल के गेवरा खदान और साइलो को बंद करने की घोषणा की है।
हड़ताल को देखते हुए एसईसीएल गेवरा प्रबंधन ने वार्ता के लिए बुलाया किसान सभा प्रतिनिधिमंडल में दीपक साहू, दामोदर श्याम, प्रशांत झा, गुलाब दास, रमेश दास बैठक में उपस्थित थे, सभी प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने प्रबंधन के फिर से झूठे आश्वाशन को नहीं माना और वार्ता विफल रही। किसान सभा ने कहा की प्रबंधन केवल झूठे आश्वाशन देता है, इसलिए खदान बंद हड़ताल होगा।

हड़ताल को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में बैठक आयोजित की जा रही है, जिसे ग्रामीणों का व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।

किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा की खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की पूरी जमीन ली जाती है, लेकिन रोजगार देते समय 100% रोजगार प्रभावित ग्रामीणों को नहीं दिया जा रहा है, 30% बाहर के लोगों के नाम पर प्रभावितों के हक के रोजगार को बेचा जा रहा है।विकास के नाम पर अपनी गांव और जमीन से बेदखल कर दीये गए विस्थापित परिवारों की जीवन स्तर सुधरने के बजाय और भी बदतर हो गई है। हजारों छोटे किसानों को खेती-किसानी से अलग कर रोजगार से वंचित रखा गया है। विकास की जो नींव कोरबा में रखी गई है, उसमें प्रभावित परिवारों की अनदेखी हो रही है। लगातार संघर्ष के बाद खानापूर्ति के नाम पर कुछ लोगों को वैकल्पिक रोजगार दिया जा रहा है।
प्रभावितों के पास अब संघर्ष के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है।

किसान सभा के दीपक साहू ने आउट सोर्सिंग कार्यों में प्रभावितों को प्राथमिकता नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना सेफ्टी जोन बनाए खदान विस्तार का काम हो रहा है, जो कि गलत है पहले सेफ्टी जोन बनाया जाए उसके बाद ही खदान विस्तार का काम हो।

भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के नेता दामोदर श्याम ने कहा कि खदान विस्तार के लिए हेवी ब्लास्टिंग का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे घरों को नुकसान पहुंच रहा है। आम जनता में दहशत का माहोल है, साथ ही खदान से उड़ने वाले धूल डस्ट से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और घरों में रखे सामान खराब भी हो रहे हैं।

मांगे:-
1) एसईसीएल में आउट सोर्सिंग से होने वाले सभी कार्यों में भू विस्थापित परिवार के बेरोजगारों को 100% रोजगार में रखा जाए।
2) हेवी ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए।
3) गेवरा खदान विस्तार में सेफ्टी जोन के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। खदान विस्तार से पहले सेफ्टी जोन बनाया जाए।
4) खदान एवं परिवहन के कारण उड़ने वाले धूल-डस्ट से खदान विस्तार से लगे सभी गांव में ग्रामीणों को कई बीमारियों के साथ घरेलू सामानों को सुरक्षित रखने में अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं, उन्हें क्षति पूर्ति प्रदान किया जाए।

मांगो को लेकर सकारत्मक चर्चा प्रबंधन के साथ नहीं हुई, उसके बाद किसान सभा और भू विस्थापित संगठन ने 3 फरवरी को गेवरा खदान बंद करने की घोषणा की है।

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