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धूल प्रदूषण और जल संकट पर फूटा जनआक्रोश, 4 घंटे तक ठप रहा बांकीमोंगरा-कोरबा मार्ग,,देखे पूरी खबर

संवाददाता साबीर अंसारी

बांकीमोंगरा :– क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मूलभूत समस्याओं को लेकर सोमवार को पंखा दफाई और सूराकछार के रहवासियों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। स्थानीय पार्षद प्रेम कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने बांकीमोंगरा-कोरबा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रेलवे साइडिंग से लगातार उड़ रही कोयले की धूल ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। वहीं इस वर्ष खोलार नदी में स्टॉप डेम का निर्माण नहीं होने से क्षेत्र में जल संकट गहराने की आशंका भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि धूल प्रदूषण और पानी की समस्या पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने गंभीरता नहीं दिखाई।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें

खोलार नदी में तत्काल स्टॉप डेम का निर्माण कर जल संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।

रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली धूल एवं डस्ट प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए।

मुख्य मार्ग पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए।

रेलवे के क्षतिग्रस्त हाइट कंट्रोलर की जल्द मरम्मत कराई जाए।

सुबह लगभग 9 बजे शुरू हुआ चक्का जाम दोपहर 1 बजे तक जारी रहा। करीब चार घंटे तक मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलने पर दर्री तहसीलदार, बांकीमोंगरा थाना प्रभारी, रेलवे और एसईसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों पर 17 जून तक कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।

स्थानीय नागरिकों ने साफ कहा है कि यदि तय समयसीमा के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो इससे भी बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।

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