कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को कार्यवाही करने दिए निर्देश
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह के नेतृत्व में सरपंच ने सौंपा ज्ञापन
सचिव मोहन कौशिक पंचायत से रहते हैं नदारद, जनता परेशान
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। कोरबा जिले की जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत तानाखार का सचिव मोहन चंद्र कौशिक मुख्यालय छोड़कर 65 किलोमीटर दूर से आना-जाना करते हैं और महीने में एक या दो बार ही पंचायत आते हैं, जिसके कारण ग्राम पंचायत का विकास कार्य जहां ठप्प हो गया है, वहीं अपनी आवश्यकताओं के लिए ग्रामीण जब भी सचिव के पास जाते हैं, नदारद ही मिलते हैं, जिसके कारण जनता परेशान हो गई है।
आज जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह के नेतृत्व में ग्राम पंचायत की सरपंच तीजबाई, उपसरपंच सहित पंचगण एवं ग्रामवासी कलेक्टर अजीत बसंत से मिलकर ज्ञापन सौंपा और सचिव को हटाने की मांग की।
कलेक्टर ने दिया आश्वासन
सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों ने बताया कि कलेक्टर अजीत बसंत ने जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग को निर्देशित करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।
सचिव 65 किलोमीटर दूर कथरीमाल में रहता है
सरपंच तीजबाई ने बताया कि सचिव मोहन कौशिक का रवैय्या कई बार निवेदन करने के बाद भी नहीं सुधरा और वह 65 किलोमीटर दूर कथरीमाल से आना जाना करता है और महीने में एक-दो बार ही पंचायत आता है। जिससे हम परेशान हो गए हैं और जनता हमें सुनाती है। विकास तथा अन्य प्राथमिक कार्य ठप्प पड़ गए हैं। फोन करने से नहीं उठाता।
सचिव कौशिक की मनमानी चरम पर

सरपंच श्रीमती तीजबाई ने बताया कि पिछले पंचवर्षी कार्यकाल में तात्कालीन सीईओ ने जांच कराई थी और जांच में मोहन कौशिक दोषी पाया गया था, लेकिन उसके खिलाफ अब तक कार्यवाही नहीं हुई, जिसके कारण उसकी मनमानी चरम पर है। पिछले सरपंच के साथ-साथ अब वर्तमान सरपंच तीजबाई से भी कहता है कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उसकी तानाशाही रवैय्या के बारे में कलेक्टर साहब को हमने अवगत कराया है और सचिव को तानाखार से हटाने की मांग की है। कलेक्टर साहब ने कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
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जनप्रतिनिधियों ने तानाखार सचिव के खिलाफ खोला मोर्चा: हटाने की मांग
कोरबा/तानाखार। कोरबा जिले के विकासखण्ड पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत तानाखार के सचिव मोहनचंद्र कौशिक के नदारद रहने से कई मूलभूत, प्राथमिक एवं बुनियादी कार्यों के लिए जनता परेशान है और उन्हें हटाने के लिए सरपंच तीजबाई सहित जनप्रतिनिधियों ने पंचायत मंत्री एवं जिला कोरबा के प्रभारी मंत्री अरूण साव को ज्ञापन सौंपा है।
65 किलोमीटर दूर में रहते हैं सचिव मोहन
जनपद पंचायत पाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत पोड़ी में रहते लाखों के भ्रष्टाचार करने के कारण सचिव मोहनचंद्र कौशिक को सालों तक सस्पेंड किया गया था और उसके बाद बहाल होने के बाद उसे पोड़ी-उपरोड़ा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत तानाखार भेज दिया गया था। यहां उनका नया कारनामा सामने आया है और वे हफ्ते में एक दिन ग्राम पंचायत पहुंचते हैं, जिसके कारण ग्राम पंचायत का विकास कार्य एवं अन्य बुनियादी आवश्यकताएं ठप्प पड़ गई हैं।
सरपंच ने बताया कि मोहन कौशिक 65 किलोमीटर दूर अपने निवास स्थान कथरीमाल से आना-जाना करते हैं और महीने में एक-दो बार ही पंचायत पहुंचते हैं।
भटक रहे ग्रामीण, परेशान हैं पंचायत प्रतिनिधि
सचिव मोहनचंद कौशिक का निवास स्थान ग्राम पंचायत कथरीमाल है जो तानाखार से 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ग्राम पंचायत तानाखार में निवास स्थान न बनाने के कारण सचिव अधिकांश दिन नदारद रहते हैं और हफ्ते में एक दिन या कभी-कभी महीने में एक-दो बार तानाखार पहुंचते हैं, जिसके कारण ग्रामीण जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने, रशान कार्ड बनवाने, जाति-निवास प्रमाण पत्र बनवाने जैसे प्राथमिक कार्यों के लिए भटक रहे हैं और ग्रामीणों का आक्रोश सरपंच पर निकालते हैं। सरपंच ने सचिव को तानाखार में ही रहने की कई बार गुजारिश कर चुकी हैं, लेकिन सचिव की मनमानी चरम पर है और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और उनसे दुर्व्यवहार उनकी आदत बन चुकी है।
हमेशा बंद रहता है पंचायत सचिवालय
देश की सबसे महत्वपूर्ण एवं निचली सदन के नाम से जाना जाने वाला पंचायत सचिवालय में ग्रामीण जनता के महत्वपूर्ण कार्य सम्पादित होते हैं, लेकिन ग्राम पंचायत तानाखार का ग्रामीण सचिवालय में हमेशा ताला लटकते रहता है और ग्रामीण रोज वहां से बिना काम के वापस चले जाते हैं।
सचिव मोहन कौशिक को हटाने की मांग
सरपंच तथा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने कई बार जनपद सीईओ जयप्रकाश डड़सेना से कर चुके हैं, लेकिन अब तक कार्यवाही के अभाव में सचिव के हौसले बुलंद है और अब प्रतिनिधियों ने जिले के प्रभारी एवं पंचायत मंत्री अरूण साव को ज्ञापन सौंपकर सचिव को हटाने की मांग किये हैं।
मुख्यमंत्री को भी सौंपेंगे ज्ञापन
10 सितम्बर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित पूरी केबिनेट कोरबा में आयोजित मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होने आ रहे हैं। सरंपच ने बताया कि कई बार शिकायत के बाद भी सचिव को अब तक नहीं हटाया गया, इसलिए मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे और सचिव को हटाने की मांग करेंगे।
सचिव के न रहने से काम-काज ठप्प
सरपंच प्रतिनिधि सखाराम ने बताया कि सचिव मोहन कौशिक हमेशा पंचायत से नदारद रहते हैं। उन्हें कई बार कहा गया कि तानाखार में ही निवास रखें और ग्राम विकास पर ध्यान दें, लेकिन उनकी हठधर्मिता चरम पर है। लोगों का काम एवं ग्राम पंचायत का विकास कार्य ठप्प पड़ गया है और ग्रामीणों का आक्रोश हमें झेलना पड़ता है।
सचिव ने कहा-तानाखार में रोज रहता हूं
सचिव मोहन कौशिक ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि मैं रोज ग्राम पंचायत तानाखार में रहता हूं और पीएम आवास की प्रगति से इसका उदाहरण ले सकते हैं।
