जगदलपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर 16 जनवरी को हुई मुठभेड़ में 12 नहीं बल्कि 18 नक्सली मारे गए। इनमें SCM (सेंट्रल कमेटी मेंबर) दामोदर भी मारा गया। इसकी जानकारी दक्षिण बस्तर जोनल कमेटी के सचिव गंगा ने पर्चा जारी कर दी है। दामोदर पर 50 लाख का इनाम घोषित था।
फोर्स ने 12 नक्सलियों के शव बरामद किए हैं, जिसमें 10 की पहचान कर ली गई है। मरने वालों में 5 महिला नक्सली भी शामिल हैं। इन पर कुल 59 लाख रुपए का इनाम था। 6 नक्सलियों के शव को खुद नक्सल संगठन के लोग साथ लेकर चले गए। गंगा ने जो पर्चा जारी किया है उसमें लिखा है कि, इस मुठभेड़ में SCM दामोदर दादा, PPCM हुंगी, देवे, जोगा, नरसिंहराव समेत कुल 18 साथी मारे गए।

नक्सली लीडर दामोदर भी मुठभेड़ में मारा गया है। (फाइल फोटो)
दामोदर की सुरक्षा में रहते थे 8 से 10 गार्ड
दामोदर उर्फ बड़े चोखा राव दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा इन 3 जिलों की सरहद में सक्रिय था। ज्यादातर पामेड़ एरिया कमेटी में इसकी मौजूदगी की सूचना मिलती थी। ये अपने पास AK-47 और SLR जैसे राइफल रखता था। इसकी सुरक्षा में करीब 8 से 10 गार्ड रहते थे।
हिड़मा और देवा बच निकले
मारे गए नक्सली CRC और नक्सलियों की सबसे मजबूत टीम बटालियन नंबर 1 के माओवादी हैं। जवानों ने घटनास्थल से हथियार समेत BGL लॉन्चर भी बरामद किए हैं। एक बार फिर से हिड़मा और नक्सली देवा पुलिस की गोली से बचकर निकल गए हैं। अफसरों का दावा है कि इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों को गोली लगी है।
एनकाउंटर में मारा गया नक्सली कमांडर SCM दामोदर 50 लाख का इनामी था।
जानिए कैसे हुआ था एनकाउंटर
पुलिस को इनपुट मिले थे कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा इन 3 जिलों के सरहदी क्षेत्र स्थित पुजारी कांकेर के जंगल में नक्सली कमांडर हिड़मा और बटालियन नंबर 1 का कमांडर देवा समेत करीब 250 नक्सली मौजूद हैं।
इसी सूचना के आधार पर 15 जनवरी की शाम दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा इन तीनों जिले की DRG, कोबरा 205, 206, 208 और 210 बटालियन के साथ ही CRPF के करीब 1500 से 2000 जवानों को संयुक्त ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया।
