DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

पुतिन का दावाः दुनिया में डॉलर का दबदबा खत्म, चौंकाने वाले आंकड़े किए पेश, कहा- IT सेक्टर का वैश्विक दिग्गज है भारत

मॉस्को, एजेंसी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने पश्चिमी देशों की वित्तीय नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दुनिया तेजी से अमेरिकी डॉलर और यूरो पर निर्भरता कम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रतिबंधों, संपत्तियों को फ्रीज करने और वित्तीय दबाव की वजह से कई देश अब अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार को प्राथमिकता दे रहे हैं। St. Petersburg International Economic Forum (SPIEF) में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि रूस के विदेशी मुद्रा भंडार और संपत्तियों को फ्रीज किए जाने से दुनिया के कई देशों का पश्चिमी वित्तीय प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि जब किसी देश की वैध संपत्तियों तक पहुंच रोकी जा सकती है, तो अन्य देश भी अपने वित्तीय भविष्य को लेकर चिंतित हो जाते हैं। इसी कारण वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों और स्थानीय मुद्राओं का उपयोग बढ़ रहा है।

रूस अब रूबल में कर रहा व्यापार
पुतिन ने कहा कि रूस अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ा रहा है। उनके अनुसार रूस के कुल निर्यात का लगभग 65% लेन-देन अब Russian Ruble में हो रहा है।डिजिटल वित्तीय परिसंपत्तियों और केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। पुतिन ने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वैश्विक संस्थाओं और नियमों से पश्चिमी देशों को फायदा हुआ, तब तक उन्होंने उनका समर्थन किया, लेकिन प्रतिस्पर्धा बढ़ने पर वे खुद उन नियमों से पीछे हटने लगे। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक व्यापार का केंद्र अब पश्चिम से हटकर पूर्व और दक्षिण की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने जिन प्रमुख मार्गों का उल्लेख किया, उनमें शामिल हैं:

  • नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर
  • ट्रांस-आर्कटिक रूट
  • कैस्पियन सागर व्यापार मार्ग
  • मध्य एशिया और मध्य पूर्व को जोड़ने वाले नए कॉरिडोर

भारत की खुलकर तारीफ
पुतिन ने भारत को BRICS का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि “भारत आईटी उद्योग में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक है और वैश्विक सॉफ्टवेयर बाजार में उसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।” उन्होंने भारत को रूस का महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक साझेदार बताया। शुक्रवार को सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच, 2026 में उन्होंने भारत की आईटी क्षेत्र में मजबूत स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा, मैं अपने एक और महत्वपूर्ण साझेदार भारत का स्वागत करना चाहता हूं, जो आइटी उद्योग में अग्रणी देशों में से एक है। वैश्विक सॉफ्टवेयर बाजार में इसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।

BRICS बनाम G7: पुतिन के अनुसार

  • वैश्विक GDP में BRICS देशों की हिस्सेदारी लगभग 40% तक पहुंच चुकी है।
  • G7 देशों की हिस्सेदारी 29% से नीचे आ गई है।
  • पिछले पांच वर्षों में वैश्विक आर्थिक वृद्धि का 49% योगदान BRICS देशों का रहा।
  • इसी अवधि में G7 देशों का योगदान केवल 18% रहा।
  • BRICS ने 2020 में ही G7 को पीछे छोड़ दिया था और अंतर लगातार बढ़ रहा है।

क्या डॉलर का प्रभाव हो रहा खत्म?
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर अभी भी दुनिया की प्रमुख रिजर्व मुद्रा बना हुआ है और वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा डॉलर में ही होता है। हालांकि BRICS देशों द्वारा स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों के विकास से डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिशें जरूर तेज हुई हैं। इसलिए पुतिन का बयान वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में चल रहे बदलावों की ओर इशारा करता है, लेकिन डॉलर का प्रभुत्व पूरी तरह समाप्त होने की स्थिति अभी नहीं है। 

Exit mobile version