नई दिल्ली, एजेंसी। राहुल गांधी दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रोजेक्टर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का भाषण दिखाया।
राहुल ने कहा कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके भाषण के बाद मंच का शुद्धीकरण किया गया। प्रधानमंत्री दोषियों पर एक्शन लें। दलितों पर सदियों से अत्याचार हो रहा है। देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई है।
राहुल ने 4 तस्वीरें दिखाईं, कहा- BJP-RSS का रवैया दलित विरोधी
1. हर जगह दलितों का अपमान

हजारों साल से इस देश में दलितों पर अत्याचार, हिंसा की गई है। संविधान में यह गैरकानूनी है। लेकिन आज भी स्कूल में दलित बच्चों से टॉयलेट साफ कराया जाता है। झाड़ू-पोछा लगवाया जाता है। यह हिंदुस्तान की रियलिटी है। कई गांवों में उन्हें सार्वजनिक कुएं से पानी नहीं लेने दिया जाता, इसलिए अलग कुआं खोदना पड़ता है। चाय की दुकानों पर अलग-अलग कप रखे जाते हैं- दलितों के लिए अलग, बाकी लोगों के लिए अलग।
शादी जैसे खुशी के मौके पर भी दलित दूल्हों को घोड़ी पर बैठने से रोका जाता है। कई बार पत्थरबाजी और मारपीट तक होती है। कुछ लोग सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनकर बारात निकालते हैं। यह सिर्फ गांवों की नहीं, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों की हकीकत है।
2. जितनी बुलंद आवाज, उतना तेज हमला
राहुल गांधी ने कहा कि जब राजस्थान में कांग्रेस के CLP टीकाराम जूली मंदिर जाते हैं, तो BJP और RSS के लोग उस मंदिर का शुद्धीकरण करवाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भाषण देने गए, तो वहां भी शुद्धीकरण किया गया। उनकी ही पार्टी के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री रहे जीतन राम मांझी जी जब एक मंदिर में गए, तो मंदिर का शुद्धीकरण किया गया।
3. शुद्धीकरण- छुआछूत का दूसरा नाम
8 अगस्त को खड़गे की हल्द्वानी के रामलीला मैदान में रैली हुई दो दिन बाद 10 अगस्त को BJP और RSS के कार्यकर्ताओं ने हवन कर मंच का शुद्धीकरण किया। खड़गे ने 13 अगस्त को संसद में इस घटना का जिक्र करते हुए इसे दलितों का अपमान बताया। उन्होंने कहा, ‘मैं दलित हूं, शुद्धीकरण के नाम पर मेरा अपमान किया गया।’
4. शुद्धीकरण करने वालों के खिलाफ FIR हो
20 दिन हो गए हैं। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हमारी मांग है कि उत्तराखंड में जिन लोगों ने खड़गे की रैली के बाद मंच का शुद्धीकरण किया, उनके खिलाफ जल्द से जल्द FIR दर्ज हो। SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
हल्द्वानी की सभा और उसके बाद क्या हुआ…
8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की सभा हुई थी। इसके बाद कुछ हिंदू संगठनों ने वहां यज्ञ कर मंच के शुद्धीकरण का दावा किया।
आयोजकों का कहना था कि धार्मिक मंच का इस्तेमाल राजनीतिक बयानों के लिए हुआ और वहां मर्यादा का ध्यान नहीं रखा गया, इसलिए शुद्धीकरण किया गया। इसका जाति से कोई लेना-देना नहीं है।
खड़गे ने मानसून सत्र के दौरान संसद में यह मुद्दा उठाया और इसे अपनी दलित पहचान से जोड़ते हुए दोषियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की। राहुल समेत कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा-आरएसएस की जातिवादी सोच करार दिया।
