इंदौर, एजेंसी। राहुल गांधी इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ को संबोधित कर रहे हैं। राहुल ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ विषय पर बात कर रहे हैं। कार्यक्रम के लिए IDA ग्राउंड पर 20 से 25 हजार युवा पहुंचे हैं।
छात्रों से सवाल-जवाब के दौरान राहुल ने कहा- सिस्टम नहीं चाहता कि स्टूडेंट्स सवाल पूछें, इसलिए वह अंधभक्त पैदा करता है। उन्होंने कहा- छात्रों का सिस्टम से भरोसा उठ गया है, हालांकि कुछ जगह कैंडिडेट्स की भी गलती है। इस पर सामने बैठे छात्रों ने जवाब दिया- सर, हम सिस्टम से हार गए।
राहुल इंदौर में पहला और देश में 5वां ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित कर रहे है। कांग्रेस ने कहा कि कार्यक्रम के लिए करीब 2 लाख रजिस्ट्रेशन हुए हैं। कार्यक्रम की अनुमति 31 शर्तों के साथ मिली है।
राहुल गांधी छात्रों के साथ सेल्फी ली
राहुल ने कार्यक्रम के बाद डोम के अंदर मौजूद छात्रों के साथ सेल्फी ली। राहुल ने स्टूडेंट्स से भी सेल्फी लेने को कहा।

स्टूडेंट बोली- सरकार दोहरी नीति अपना रही
राजगढ़ की सपना गुर्जर ने कहा- मैं ऐसे जिले से हूं, जो बाल विवाह में मप्र का टॉप जिला है। मार्च 2019 में कांग्रेस सरकार ने 14 फीसदी आरक्षण बढ़ाकर 27 फीसदी किया था। यह पूरे प्रदेश में लागू भी है। सरकार बदलते ही बीजेपी सरकार ने हमारे 13 फीसदी पद पर को कोर्ट का हवाल देकर हमारी सारी नियुक्त होल्ड कर देती है।
पिछले 8 साल से हमारे 10 हजार पदों पर होल्ड नाम का राक्षस बैठा है। मेरे जैसे 1 लाख 87 हजार छात्र नियुक्त के इंतजार में लाइन में खड़े हैं। मैंने खुद दो एग्जाम क्लियर किए हैं। इनमें तीन-तीन स्टेप को पार कर बेरोजगार बैठे हैं। ये कोर्ट का हवाला देते हैं, लेकिन हाईकोर्ट- सुप्रीम कोर्ट से कहीं हुई स्टे नहीं है। हमें गुमराह कर रही है और नियुक्ति रोक रखी है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कई बार फटकार लगाई है।
यह सरकार दोहरी नीति अपना नही है। मप्र में पुलिस कॉन्सेटेबल 2022, पटवारी भर्ती 2023 में 27 फीसदी पर ज्वाइनिंग दी, अगले साल 13 फीसदी पद होल्ड कर दिया। यह कहां का कानून है। एक साल 27 फीसदी, दूसरे साल 13 फीसदी पद होल्ड कर देती है।
हमारे पास कोचिंग के लिए पैसे नहीं होते हैं तो हम रात–रात भर लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई करते हैं। हमारे ज्वाइनिंग लेटर बचे हैं। सरकार हमें 13 फीसदी नाम का लाॅलीपॉप थमा देती है। पिछले 8 साल से सड़क पर लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार ने आज तक कोई पॉजिटिव रिस्पांस नहीं दिया। आपको ध्यान का योद्धा कहा जाता है, आप हमें भी न्याय दिलाएं। हमें उम्मीद है कि हमें न्याय दिलाएंगे और 13 फीसदी नाम के इस दलदल से बाहर निकालेंगे।
पीएससी की तैयारी कर रहा स्टूडेंट बोला- ओवर एज हो गए
सतना के रहने वाले अखिल भारती क्रांति ने कहा- मैं एमपीपीएसी का छात्र हूं। यहां हालात ऐसे हैं कि पिछले 8 साल से जितने भी पदों पर भर्ती होती है उसमें 13 फीसदी पद होल्ड कर दिए जाते हैं। प्री हो जाता है, मेंस हो जाता है, इंटरव्यू हो जाता है। मेरे जैसे 4 लाख 87 हजार बच्चे होल्ड हैं। कोर्ट का बहाना देकर सरकार रोक देती है।
2018 में कांग्रेस सरकार ने कानून बनाया, तब से ही यह होल्ड है। हम लोग ओवर एज हो गए। रिजल्ट के इंतजार में मानसिक स्थिति खराब हो गई। हम जैसे छात्र एसडीएम, डीएसपी बन सकते हैं, लेकिन बेरोजगार बैठे हुए हैं।
हिंदूस्तान के युवाओं को रोजगार मिल सकता है। भर्ती खाली है, लेकिन पदों को भरा ही नहीं जा रहा है। डाटा कहता है कि आधे पद आज भी खाली पड़े हुए हैं। मैं यहां पॉर्ट टाइम जॉब करने को मजबूर हूं।
मैं विंध्य क्षेत्र से आता हूं, वहां शिक्षा का स्तर बहुत ही खराब है। हमारे यहां से बच्चे तैयारी करने इंदौर–भोपाल आते हैं। वहां प्रतियोगी परीक्षा के लिए शिक्षक ही नहीं हैं। गरीब बच्चे यहां नहीं आ सकते हैं। विंध्य क्षेत्र में बेहतर शिक्षा की व्यवस्था हो।
नर्सिंग स्टूडेंट बोली- 6 साल में भी कोर्स पूरा नहीं
नर्सिंग स्टूडेंट याशिका दानी ने कहा– मैंने 2020 में एडमिशन लिया था, सोचा था कि मेरा कोर्स चार साल में पूरा हो जाएगा। 2026 चल रहा है और मैं अभी भी थर्ड ईयर में हूं। न रिजल्ट आया है, न फोर्थ ईयर के एग्जाम हो रहे हैं। न डिग्री पूरी हो रही हैं। इससे मप्र में हजारोंं बच्चे परेशान हो रहे हैं। नर्सिंग छात्रों ने एक महीने तक आंदोलन किया, लेकिन किसी ने नहीं सुना। सिर्फ सब घोटाले में लगे हुए थे।
जब मैंने पापा को फीस बताई तो उन्होंने कहा– हमारी हैसियत से यह बाहर है। हम नहीं कर पाएंगे। मैंने कॉल सेंटर पर नौकरी कर फीस के पैसे जोड़े। यह सोचकर एडमिशन लिया कि अपने पैरों पर खड़ी हो पाऊंगी, लेकिन मुझे कोई जॉब नहीं दे रहा हूं। बेरोजगार घूम रही हूं। हम अभी 12वीं पास कहलाते हैं। हॉस्पिटल वाले कहते हैं डिग्री है, हम करते हैं नहीं, तो वो कहते हैं ठीक है 5 से 6 हजार रुपए महीना देंगे। आप हमारी परेशानी का समाधान करवाइए।
कार्यक्रम में PM मोदी की मिमिक्री
राहुल गांधी के कार्यक्रम में एक व्यक्ति ने मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की मिमिक्री की। उसने हंसने और पीठ थपथपाने की एक्टिंग की। नीचे वीडियो का स्क्रीनशॉट देखिए…
‘शिक्षा कोई लग्जरी नहीं, हर स्टूडेंट का हक’
राहुल ने कहा- स्टूडेंट देश का फाउंडेशन होता है। स्टूडेंट देश को बनाता है। शिक्षा कोई लग्जरी नहीं है, हर स्टूडेंट का हक है। किंडर से मिड डे मील, स्कूल, कॉलेज और रोजगार… ये आपका काम नहीं है। ये हिंदुस्तान की सरकार का काम है। सरकार को सिस्टम चलाना चाहिए, मगर देश में उलटा हो रहा है।
स्टूडेंट ने मंच पर आकर कहा- न हम डरेंगे, न झुकेंगे
राहुल के कार्यक्रम के दौरान एक स्टूडेंट ने मंच पर आकर कहा- राहुल जी, न हम डरेंगे, झुकेंगे। यह बात उसने राहुल गांधी के उस बयान के बाद कही, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्टूडेंट को सिस्टम से खतरा है।वीडियो का स्क्रीनशॉट देखें।
‘सिस्टम चलाना सरकार की जिम्मेदारी, लेकिन उलटा हो रहा’
राहुल ने कहा- किसी भी देश की शिक्षा का सिस्टम चलाना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन देश में उलटा हो रहा है। पहले देश में आईआईटी बने, स्कूल बने, अब पूरा रिवाइंड किया जा रहा हे। मैं आपको आंकड़े दिखाउंगा। मैं सबूत के साथ दूंगा कि शिक्षा कैसे बर्बाद हो रही है। इसके बाद राहुल ने आंकड़ों की स्लाइड दिखाई।
राहुल ने कहा- 2014 से पहले हमारी सरकार थी, बजट का 4.6% शिक्षा पर जाता था। अब 2.6% शिक्षा पर जाता है। 7.7 लाख करोड़ रुपए जो शिक्षा में जाने थे, वे अरबपतियों के हाथ गए। वे अंबानी अडाणी के हाथ गए।
मंच पर वीडियो चलाया, लोगों की बातचीत के हिस्से दिखाए
स्टूडेंट्स से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा- हमने आपको स्टूडेंट्स का वीडियो दिखाया। अब अंधभक्तों का वीडियो देखिए।
इसके बाद मंच से एक वीडियो चलाया गया, जिसमें अलग-अलग लोगों के बयानों के अंश दिखाए गए।
राहुल ने मंच पर जो वीडियो चलाया, यह उसी का स्क्रीनशॉट है।
भारत पूरी तरह आजाद नहीं
वीडियो में एक व्यक्ति भारत की आजादी को लेकर यह दावा करता दिखाई दिया कि भारत पूरी तरह आजाद नहीं है और ब्रिटिश क्राउन ने भारत को 99 साल की लीज पर दिया है। वीडियो के एक हिस्से में एक व्यक्ति ने कहा कि अगर मोदी सरकार नहीं होती तो चीन भारत को ले चुका होता।
वॉट्सएप, मंदिर और रोटी पर टिप्पणी
वीडियो में एक शख्स ने वॉट्सएप से मिलने वाली जानकारी का जिक्र किया। एक अन्य हिस्से में मंदिर और रोटी को लेकर टिप्पणी सुनाई गई।
वीडियो के अंत में कुछ लोगों के बीच बातचीत के छोटे-छोटे अंश भी दिखाए गए। इनमें “माय फ्रेंड”, “हाउ आर यू?” और “वेरी नाइस टू मीट यू, ब्रदर” जैसे बातचीत शामिल थे।
राहुल ने कहा- सिस्टम चलाने वालों के बच्चे विदेश में पढ़ रहे
राहुल बोले- सिस्टम को चलाने वाले बच्चों को देखिए वे इंदौर में पढ़ रहे हें या विदेश में। ये देश के युवाओ को अंधभक्त बनाना चाहते हें। अपने बच्चों को बाहर भेजेंगे पढ़ने के लिए।
राहुल बोले- हमने शुरुआत में कहा कि स्टूडेंट देश को बनाता है, शिक्षा देश की नींव है, यह हर स्टूडेंट का हक है। स्कूल मिडडे मील से लेकर कॉलेज और कॉलेज से रोजगार तक पहुंचाना, ये सरकार का काम है।
सिस्टम नहीं चाहता कि स्टूडेंट सवाल पूछे, इसलिए अंधभक्त तैयार करता है
राहुल स्टूडेंट्स से बात करते हुए स्टूडेंट और अंधभक्त के बीच 4 अंतर गिनाए…
1. जहां स्टूडेंट सवाल पूछता है वहां अंधभक्त डेल्यूजनल है 2. जहां स्टूडेंट मोहब्बत की बात करता है अंधभक्त नफरत फैलाता हे। 3. जहां स्टूडेंट निडर होता हे वहां अंधभक्त डरपोक होता है। 4. जहां स्टूडेंट महिलाओं की इज्जत करता हे अंधभक्त महिलाओं का अपमान करता है।
इसके बाद उन्होंने कहा कि सिस्टम नहीं चाहता कि स्टूडेंट सवाल पूछे इसलिए सिस्टम अंधभक्तत को तैयार करता है, उन्हें प्रमोट करता है।
राहुल बोले- स्टूडेंट को सिस्टम से खतरा, क्योंकि वो सवाल पूछता है
राहुल गांधी ने कहा, “अब इंटरेस्टिंग बात बताता हूं। सिस्टम को स्टूडेंट से खतरा है। क्यों खतरा है, क्योंकि स्टूडेंट सवाल पूछता है।”
उन्होंने कहा कि स्टूडेंट सवाल करता है कि अमित शाह जी के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन कैसे बन गए? स्टूडेंट पूछता है कि हिंदुस्तान के पूरे बिजनेस को दो लोगों ने कैसे कैप्चर कर लिया? स्टूडेंट यह भी पूछता है कि ज्युडिशियरी और बाकी संस्थाएं अपना काम क्यों नहीं करतीं और इलेक्शन कमीशन अपना काम क्यों नहीं करता?
“इसीलिए सिस्टम स्टूडेंट नहीं चाहता, सिस्टम अंधभक्त चाहता है।” उन्होंने कहा, “अंधभक्त कौन है? अंधभक्त एंटी-स्टूडेंट है। जहां स्टूडेंट सवाल पूछता है, जहां स्टूडेंट क्यूरियस है, वहां अंधभक्त डेलूजनल है, अपनी दुनिया में रहता है।”
राहुल ने कहा कि जहां स्टूडेंट मोहब्बत की बात करता है और प्यार व सम्मान से बात करता है, वहां अंधभक्त नफरत फैलाता है। जहां स्टूडेंट हम्बल होता है, दूसरों की बात सुनता है, वहां अंधभक्त अहंकार से भरा और एरोगेंट होता है।
उन्होंने कहा कि जहां स्टूडेंट डरता नहीं है और निडर होता है, वहां अंधभक्त डरपोक होता है। राहुल के मुताबिक, जहां स्टूडेंट महिलाओं का सम्मान करता है, वहां अंधभक्त पेट्रियार्कल होता है और महिलाओं पर हमला व उनका अपमान करता है। राहुल गांधी ने कहा कि जहां स्टूडेंट ईमानदार होता है, वहां अंधभक्त डिसऑनेस्ट और झूठा होता है।
राहुल बोले- सिस्टम की टॉप लेयर पर 6 लोग
राहुल ने स्क्रीन पर स्लाइड दिखाई। इसके बाद बोले- तीन फ्रेंड ने सिस्टम की बात की। सिस्टम क्या है, सिस्टम में कई लेयर हैं, टॉप लेवल पर 6 लोग बैठे हैं। इसे मोदी चलाते हैं। धमकाने का काम, उन्हें मारने का काम, पैलेट गन मारने का काम शाह करते हैं।
अजित डोभाल कहते हैं कि देश को कंट्रोल करना है तो 500 लोगों को कंट्राोल करने की जरूरत है। ये देश के कम्युनिकेशन पर कब्जा किए हैं। ये फोन टैपिंग कराते हैं, ये मोदी-शाह को सूचना देते हैं। आपके फोन के अंदर डोभाल बैठे हैं।
बीच में भागवत जी है जो विचारधारा की बात करते हैं जिनके संगठन को हजारों करोड़ मिलते हैं। वहीं दूसरी तरफ अंबानी और अडाणी है। ये लोग फाइनेंस करते हैं। पैसा घुमाकर भाजपा को दिया जाता है।
इस लेयर के नीचे हर संस्था को कैप्चार करके रखा है। इसमें मीडिया, एंटरनटेनमेंट, न्याय सभी में एक-एक आदमी बिठा रखा है। जैसे देश में कई क्रिकेटर्स है लेकिन सिस्टम ने शाह के बेटे को क्रिकेट का ठेका दे दिया है। यहां डेमोक्रेसी की बात होती है लेकिन सिस्टम अपने आदमी को बिठा देता है।
नर्सिंग स्टूडेंट राहुल से बोली- सरकार नहीं सुनती, आप हमारी बात सुनें
नर्सिंग की एक स्टूडेंट ने राहुल से कहा- एमपी में हजारों नर्सिंग स्टूडेंट पर असर पड़ रहा है। सरकार को कोई मतलब नहीं है, वे हमारी बात सुनने नहीं आए। मैं उम्मीद से आई कि आप मेरी बात सुने। मैं मिडिल क्लास से हूं। फीस को लेकर पापा से कहा कि तो वे बोले कि इतनी ज्यादा फीस नहीं भर पाउंगा। इसके बाद मैंने काल सेंटर में नौकरी करके पैसे जोड़े।
राहुल ने पूछा- क्या औसत स्टूडेंट को रोजगार मिल सकता है?
राहुल गांधी ने एक छात्र से पूछा, “आपको लगता है कि हिंदुस्तान के एवरेज स्टूडेंट को रोजगार मिल सकता है?”
छात्र ने जवाब दिया, “बिल्कुल सर, मिल सकता है। मिलना चाहिए। बहुत सारी भर्तियां खाली हैं, भर्तियां नहीं होती हैं।”
राहुल ने पूछा, “तो फिर क्यों नहीं मिलता?”
छात्र ने कहा, “यहां पर सिस्टम ऐसा है। हम लोग आंदोलन करते हैं कि भर्तियां निकालिए, रिजल्ट रोक दिए जाते हैं। बहुत सारे पद निकलते ही नहीं हैं। संविदा से भर दिए जाते हैं। प्राइवेटाइजेशन कर रहे हैं। जो मेन पद हैं, वो भरे नहीं जा रहे। आज भी डेटा बता रहा है कि आधे पद खाली हैं।”
छात्र बोला- एमपी में 8 साल से 13% पद होल्ड
राहुल के कार्यक्रम में एक MBBS छात्र ने मध्य प्रदेश में भर्तियों से जुड़ी समस्या बताते हुए कहा, “पिछले 8 सालों से जितनी भी भर्तियां होती हैं, सब पर 13% होल्ड कर दिया जाता है। प्रीलिम्स हो जाती है, मेंस परीक्षा हो जाती है, इंटरव्यू भी हो जाता है, लेकिन सिलेक्शन के लिए 13% रोक देते हैं।”
छात्र ने कहा, “मेरे जैसे युवा कम से कम 4 लाख हैं और डायरेक्ट 87 हजार बच्चे होल्ड हैं। MBBS, व्यापम और जितनी भी परीक्षाएं होती हैं, सब पर 13% रोक लग जाती है। कोर्ट का बहाना देकर सरकार हर बार रोकती है। कोर्ट ने कई बार कमेंट किया कि आप अपना रिजल्ट क्यों नहीं देते? अपना ही कानून क्यों लागू नहीं करते?”
हम लोग 8 साल से ओवरएज हो गए हैं। पूरे प्रदेश में इतने सारे स्टूडेंट हैं कि सबकी स्थिति खराब है। मानसिक स्थिति खराब हो गई है। हम इंतजार कर रहे हैं कि हमारा रिजल्ट कब आएगा, नियुक्ति कब होगी। युवा एसडीएम और डीएम बन सकते हैं, लेकिन आज बेरोजगार बैठे हैं। मैं खुद यहां इंदौर में पार्ट-टाइम जॉब करता हूं।
राहुल से छात्रा बोली- हर तरफ फर्जीवाड़ा
राहुल गांधी ने एक छात्रा से पूछा कि- जो सिस्टम यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों को प्रोटेक्ट करने के लिए बना है, वही सिस्टम स्टूडेंट्स पर आक्रमण कर रहा है। इसके बारे में आप क्या सोचती हैं?
इस पर छात्रा ने कहा कि यूनिवर्सिटीज बिल्कुल कोऑपरेट नहीं कर पा रही हैं। हर तरफ फर्जीवाड़ा चल रहा है। कहीं भी ट्रांसपेरेंसी नहीं है। हम चाहते हैं कि जो समस्याएं आपके सामने लेकर आए हैं, उनका अच्छा समाधान मिले और हमारी सारी समस्याएं दूर हों।
राहुल बोले- कैंडिडेट्स की भी गलती, युवा बोले- हम सिस्टम से हार गए
राहुल गांधी ने कहा- परीक्षाओं के दौरान कुछ अभ्यर्थियों की भी गलती हुई है, लेकिन कहीं न कहीं उनका सिस्टम पर भरोसा खत्म हो गया है। इसके बाद छात्रों की ओर से आवाज आई- “सर, हम सिस्टम से हार गए।” राहुल ने कहा कि सिस्टम के अंदर बैठे कुछ लोग भ्रष्ट हो जाते हैं। पैसे के चक्कर में पेपर लीक कर देते हैं और लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर भ्रष्ट लोग परीक्षा व्यवस्था में रहेंगे और परीक्षा प्रणाली ही भ्रष्ट होगी, तो इसका नुकसान बच्चों को उठाना पड़ेगा।
आज स्टूडेंट खुश नहीं, उन्हें भविष्य नहीं दिख रहा
राहुल गांधी ने कहा- अगर आज हम स्टूडेंट्स से बात करें तो वे खुश नहीं हैं। स्टूडेंट्स असहज हैं, उन्हें अपना भविष्य नहीं दिख रहा और वे दबाव में हैं।
उन्होंने कहा- आइए, स्टूडेंट्स की आवाज सुनते हैं। आप सिस्टम के बारे में क्या कह रहे हैं, उसे सुनते हैं। छात्रों के मन में यह सवाल है कि परीक्षा पर भरोसा कैसे किया जाए? कैसे भरोसा करें कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ हो रही है? कैसे पता चले कि किसी परीक्षा में सही तरीके से चयन हुआ है या नहीं?
राहुल गांधी बोले- आज का टॉपिक ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’
राहुल गांधी ने कहा, “आपने मेरा जिस तरह स्वागत किया, उसके लिए धन्यवाद। मैं यहां आकर बहुत खुश हूं।” उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम कोटा, देहरादून और पुणे के बाद अब इंदौर में आयोजित किया जा रहा है। राहुल ने कहा कि हर शहर में कार्यक्रम के दौरान छात्रों से जुड़े मुद्दे और उनके भविष्य से जुड़े सवाल उठाए जाते हैं। इनमें पेपर लीक, संस्थागत विफलता, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, शिक्षा की बढ़ती लागत और निजीकरण जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने कहा, “इंदौर में हमने तय किया है कि आज का विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ होगा। छात्र बताएंगे कि सिस्टम क्या है, वह छात्रों को कैसे प्रभावित कर रहा है और किस तरह छात्रों के भविष्य के सामने चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।” राहुल गांधी ने कहा कि कार्यक्रम में कई युवा मंच पर आकर अपने दिल की बात रखेंगे। इसके साथ ही उन्होंने इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की शुरुआत की।
