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राहुल ने सिर पर गमछा बांधा, कंधे पर कुदाल रखी:मनरेगा बचाओ सम्मेलन में बोले- VB-GRAM-G जुमला है, गरीबों के हक पर हमला है

नई दिल्ली,एजेंसी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली में कहा कि वे VB-GRAM-G बिल के बारे में नहीं जानते। उन्होंने कहा, ‘VB-GRAM-G’ जुमला है, गरीबों के हक पर हमला है। राहुल ने गरीबों से अपील की कि वे इस नए बिल के विरोध में एकजुट हों।

राहुल रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में राहुल और खड़गे ने सिर पर गमछा बांधा, कंधे पर कुदाल रखी और देशभर से मजदूरों की लाई मिट्‌टी पौधों में डाली।

सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार का मनरेगा को निरस्त करना महात्मा गांधी के नाम को लोगों की स्मृति से मिटाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संसद के आगामी बजट सत्र में इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी।

सम्मेलन में राहुल और खड़गे को सिर पर गमछा बांधा गया।

सम्मेलन में राहुल और खड़गे को सिर पर गमछा बांधा गया।

राहुल- खड़गे ने कंधे पर कुदाल रखी।

मजदूर देशभर से जो मिट्‌टी अपने साथ लाए थे, उसे पौधों में डाला।

सम्मेलन में VB जी रामजी बिल की खामियां बताई गईं।

राहुल ने कहा- मनरेगा में गरीब लोगों को काम करने का अधिकार था

राहुल ने कहा कि मनरेगा गरीबों को अधिकार देने के लिए लाई गई योजना थी। इसका उद्देश्य जरूरतमंदों को काम देना था। यह योजना सरकार के तीसरे स्तर यानी पंचायती राज के माध्यम से चलाई जानी थी। अधिकार शब्द महत्वपूर्ण था। सभी गरीब लोगों को मनरेगा के तहत काम करने का अधिकार था। PM मोदी-भाजपा उस कन्सेप्ट को खत्म करना चाहती है।

उन्होंने कहा, कुछ साल पहले सरकार 3 काले कृषि कानून लाई थी। लेकिन हम सभी के एकजुट होकर दबाव बनाया और कानूनों को रद्द करवा दिया। नए कानून में केंद्र सरकार काम और पैसा देने का फैसला करेगी और भाजपा शासित सरकारों को हमेशा प्राथमिकता मिलेगा।

राहुल ने कहा, पहले जो मजदूरों को मिलता था, वह अब ठेकेदारों और अफसरों को दिया जाएगा। भाजपा चाहती है कि संपत्ति कुछ ही हाथों में रहे ताकि गरीब लोग अडानी-अंबानी पर निर्भर रहें, यही उनका भारत का आदर्श है। वे ऐसा भारत चाहते हैं, जहां राजा ही सब कुछ तय करे।

कांग्रेस देशभर में कर रही है बिल का विरोध

सम्मेलन में देश भर के श्रमिकों ने भाग लिया और अपने कार्यस्थलों से मुट्ठी भर मिट्टी लाकर खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में प्रतीकात्मक रूप से पौधों में डाली।

कांग्रेस ने 10 जनवरी को यूपीए सरकार के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त किए जाने के विरोध में 45 दिनी राष्ट्रव्यापी अभियान मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत की थी।

विपक्षी दल ‘विकसित भारत – रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम’ को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में, यानी काम करने के अधिकार और पंचायतों के अधिकार को बरकरार रखते हुए, एक अधिकार-आधारित कानून के रूप में बहाल करने की मांग कर रहा है।

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