रायगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर अस्पताल पहुंचाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो धरमजयगढ़ ब्लॉक के पेलमा के आश्रित ग्राम दर्रापारा का है। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस या कोई दूसरा वाहन नहीं पहुंच सका। ऐसे में ग्रामीणों ने गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
वीडियो में ग्रामीण महिला को खाट पर उठाकर रात के अंधेरे में कुरजा नाला पार कराते दिख रहे हैं। इसके बाद करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर उसे उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। मां और बच्चे दोनों की हालत ठीक है। धरमजयगढ़ BMO ने मां और बच्चे को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए इंतजाम करने की बात कही है।
गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर ले जाते ग्रामीण।
गर्भवती महिला को रास्ते में कुरजा नाला पार कराया गया।
सड़क नहीं होने के चलते गाड़ियां नहीं पहुंच पाती।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, शुक्रवार (18 सितंबर) रात गर्भवती महिला राईसो राठिया (35) की हालत बिगड़ती देख परिजनों और ग्रामीणों ने खाट की व्यवस्था की। उसे खाट पर सुरक्षित लिटाकर ग्रामीण कंधों पर उठाकर कुरजा नाला तक पहुंचे।
नाले में पानी होने के बावजूद ग्रामीणों ने सावधानी से उसे पार कराया। इसके बाद महिला को पेलमा की मुख्य बस्ती स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अस्पताल पहुंचते ही कराया गया प्रसव
उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। राहत की बात रही कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दोनों को निगरानी के लिए स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है। करीब तीन दिन तक निगरानी के बाद स्थिति सामान्य रहने पर उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा।
मरीजों को खाट पर ले जाने की मजबूरी
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में लंबे समय से सड़क की समस्या बनी हुई है। बारिश के दौरान नाले में पानी बढ़ने से परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में बीमार या गर्भवती मरीजों को वाहन के बजाय ग्रामीणों के सहारे खाट पर ले जाना पड़ता है।
सड़क नहीं होने से बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) गजानंद राठिया ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र कुरजा नाला से करीब 50 मीटर की दूरी पर है, जबकि दर्रापारा यहां से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। बारिश के दिनों में गांव तक पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है। सड़क नहीं होने के कारण फोरव्हीलर भी गांव तक नहीं पहुंच पाती है।
