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हवाई अड्डों की तर्ज पर पुनर्विकसित होंगे रेलवे स्टेशन

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत एआई, बीआईएम और हाई-टेक सॉफ्टवेयर से होंगे सुरक्षित व आधुनिक स्टेशन भवन तैयार

रायपुर। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत अब रेलवे स्टेशन का स्वरूप भी पूरी तरह बदलने जा रहा है। वर्ष 2023 में शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत देशभर के 1,275 रेलवे स्टेशनों को चरणबद्ध और स्थान-विशिष्ट तरीके से आधुनिक बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्टेशनों को केवल आवागमन केंद्र न रखकर, उन्हें हवाई अड्डों की तरह आधुनिक, सुविधायुक्त और एकीकृत परिवहन हब के रूप में विकसित करना है।
योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशन पर एयर कॉनकोर्स जैसी विशाल प्रतीक्षा व्यवस्था, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट, एस्केलेटर, निःशुल्क वाई-फाई, कार्यकारी लाउंज तथा वीआईपी यात्रियों के लिए ठहरने की विशेष सुविधा विकसित किए जाने की परिकल्पना है। इससे यात्रियों को अब रेलवे स्टेशन पर भी एयरपोर्ट जैसा आरामदायक अनुभव मिलेगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना में क्षेत्रीय वास्तुकला, पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ निर्माण, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, आधुनिक साइनेज तथा दिव्यांगजनों के लिए सुगम सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही ‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ पहल के तहत स्टेशन परिसर में स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे अंचल की पारंपरिक कला और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई पहचान मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप रेलवे स्टेशनों को घरेलू हवाई अड्डों की शैली में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संरचनात्मक मजबूती पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए सीएसआई सेफ, ईटीएबीएस, आरसीडीसी, स्टैड प्रो, आइडिया स्टैटिका जैसे उच्च तकनीकी सॉफ्टवेयर के माध्यम से डिज़ाइन और विश्लेषण किया जा रहा है।


इस योजना को लेकर भाजपा महिला मोर्चा बस्तर की प्रभारी एवं गूंज वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष लक्ष्मी कश्यप से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि संरचनात्मक अभियंता एवं नगर योजनाकार भूपेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा अत्याधुनिक एआई आधारित तकनीक, बीआईएम, ऑटोकैड, सीएसआई सेफ, ईटीएबीएस और सेफ सॉफ्टवेयर के उपयोग से अमृत भारत रेलवे स्टेशन का सुरक्षित और आधुनिक डिज़ाइन तैयार किया गया है। इस अभिनव कार्यप्रणाली को अंतरराष्ट्रीय जर्नल कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग एंड रिसर्च (सीई एंड सीआर) के नवंबर 2025 अंक में प्रकाशित किया गया है।
प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप रेलवे स्टेशनों को निजीकरण की पहल से जोड़कर नए व्यावसायिक अवसर, रोजगार सृजन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी, युवाओं के लिए आय के नए साधन और स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।

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