कोरबा। “ऊर्जा नगरी” के नाम से पहचाने जाने वाले कोरबा शहर में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में पूर्व एमआईसी सदस्य दिनेश सोनी एवं पूर्व पार्षद महेश अग्रवाल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
21 मई 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कोरबा जैसे औद्योगिक और महत्वपूर्ण शहर में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नागरिकों को दिन भर में कई बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली बंद होने से बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा परेशान हैं। रात में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं छोटे व्यापारियों और दुकानदारों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। इंटरनेट सेवाएं और बिजली पर आधारित अन्य कार्य भी बाधित हो रहे हैं।
आवेदकों ने यह भी आरोप लगाया कि कई मोहल्लों में बिजली बंद होने से पानी सप्लाई तक प्रभावित हो रही है, जिससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
स्मार्ट मीटर लगाने पर भी उठाए सवाल
ज्ञापन में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा दबावपूर्वक स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि उपभोक्ता इसका विरोध कर रहे हैं।
आवेदकों का कहना है कि पुराने मीटर वर्षों तक सुचारू रूप से चल रहे थे, फिर अचानक उन्हें बदलने की जरूरत क्यों पड़ गई, यह समझ से परे है। साथ ही आरोप लगाया गया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अनावश्यक बढ़ोतरी हो रही है और लोगों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें:-
अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद कर 24 घंटे नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मेंटेनेंस के नाम पर रोजाना हो रही कटौती पर रोक लगाई जाए और कार्य समयबद्ध तरीके से किया जाए।
उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद की जाए।
बिजली बिलों में आ रही अनियमितताओं की जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी रायपुर, अधीक्षण अभियंता कोरबा एवं कार्यपालन अभियंता को भी प्रेषित की गई है।
