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अवैध कोल वसूली मामले में राकेश जैन गिरफ्तार:कोल घोटाले के मास्टरमाइंड सूर्यकांत को हवाला के जरिए 50 करोड़ भेजा, 19 दिसंबर तक पुलिस रिमांड

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ अवैध कोल वसूली के मामले में राकेश कुमार जैन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी अवैध कोल वसूली को फर्जी कंपनियों और हवाला के जरिए कोल घोटाले के आरोपियों तक पहुंचाता था। आरोपी पिछले 5 साल से फरार था और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था।

जैन को रायपुर कोर्ट से EOW की टीम ने गिरफ्तार किया। यहां उसे स्पेशल कोर्ट में न्यायधीश नीरज शर्मा के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने जैन को आठ दिन यानी 19 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

आरोपी पेशे से CA है और लोगों को शेयर मार्केट में निवेश कर मुनाफे का झांसा देकर शातिराना ढंग ठगी करता था। जैन के खिलाफ EOW सहित अन्य थानों 16 से ज्यादा मामलों में FIR दर्ज है।

हवाला के जरिए करोड़ों की अवैध कोल वसूली

जांच में पता चला है कि आरोपी ने फर्जी कंपनियों का जाल बिछाकर करोड़ों रुपये की अवैध कोल वसूली की। वह इस पैसे को हवाला के जरिए कोल घोटाले के मुख्य आरोपियों तक भेजता था और बदले में कमीशन लेता था। लगभग 50 करोड़ रुपये को फर्जी खर्च दिखाकर नकद बनाया गया और कोल वसूली के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि राकेश कुमार जैन ने शराब मामले के आरोपी अनवर ढेबर के लिए भी घोटाले की रकम को पक्के में बदलने का काम किया। इसके लिए उसने एंट्री और फर्जी दस्तावेज़ का इस्तेमाल किया।

आरोपी ने साले के नाम पर दर्जन भर कंपनियां बनाई

आरोपी जैन ने अपने और अपने साले के नाम पर दर्जन भर से अधिक कंपनियां बनाई, जिनके जरिए यह सभी अवैध काम किए गए। इसके अलावा, अपने संपर्क और कर्मचारियों के नाम पर भी कई फर्जी कंपनियां बनाई गईं।

राकेश कुमार जैन पहले भी धोखाधड़ी के मामलों में आरोपी रह चुका है और लंबे समय से फरार था। उनके खिलाफ रायपुर के कोतवाली और मौदहापारा थाने में कई मामले दर्ज हैं।

राकेश कुमार जैन को 12 दिसंबर 2025 को रायपुर स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 19 दिसंबर 2025 तक आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और सबूत जुटा कर रही है।

शेयर मार्केट का लालच देकर करोड़ों की ठगी

  • रायपुर के गुढ़ियारी निवासी राकेश जैन लोगों को शेयर मार्केट में निवेश कर 10% से 10 गुना तक मुनाफे का झांसा देता था।
  • आरोप है कि उसने अब तक 50 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की है।
  • डॉक्टर, अधिकारी, कारोबारियों सहित दर्जनों लोग जाल में फंसे।
  • सिर्फ एक डॉक्टर से 92.45 लाख रुपए और कोतवाली क्षेत्र के एक व्यापारी से 1.10 करोड़ रुपए की ठगी।

आरोपी ने लोगों के आधार–PAN लेकर बैंक लोन भी निकाल लिए

  • कई लोगों के आधार कार्ड और PAN कार्ड लेकर अलग-अलग बैंकों से 5 से अधिक लोन निकालकर फरार हो गया था।
  • फर्जी साइन कर, दूसरों के नाम पर कैश क्रेडिट और लोन पास करवाता था।

बड़ी पार्टियों में जाता था, विग लगाकर खुद को स्मार्ट दिखाता था

  • राकेश जैन का सिर बिल्कुल गंजा है, लेकिन लोगों को प्रभावित करने के लिए विग लगाकर स्मार्ट लुक बनाकर घूमता था।
  • बड़ी पार्टियों में जाकर खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताता था।
  • सीए (CA) होने के कारण लोगों को उस पर आसानी से भरोसा हो जाता था।
  • जीएसटी रिटर्न और बड़े लेन-देन कर लोगों का विश्वास जीतता था।

कई जिलों में केस, 12 से ज्यादा FIR

  • रायपुर के कोतवाली, मौदहापारा, टिकरापारा में 4 FIR दर्ज
  • दुर्ग, राजनांदगांव समेत कई जिलों में 12 FIR,
  • ACB/EOW में भी मामला दर्ज
  • पुलिस ने पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में भी उसकी लोकेशन ट्रेस की थी।

क्या है 570 करोड़ से ज्यादा का कोल स्कैम ?

ED का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला किया गया है। इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ईडी का आरोप है कि कोयले के परिचालन, ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने समेत कई तरीकों से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई है।

छत्तीसगढ़ में अवैध कोल लेवी वसूली का मामला ईडी की रेड में सामने आया था। दावा है कि, कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था।

सूर्यकांत तिवारी है मास्टरमाइंड

इसके लिए सिंडिकेट बनाकर वसूली की जाती थी। पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया। जो व्यापारी 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से अवैध रकम सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा करता था।

उसे ही खनिज विभाग पीट पास और परिवहन पास जारी करता था। इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड़ रुपए की वसूली की गई। ईडी की रेड में पहले आईएएस समीर बिश्नोई फिर कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया था।

कोल घोटाले के आरोपी

निलंबित IAS रानू साहू और समीर बिश्नोई, पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया, सूर्यकांत तिवारी, संदीप नायक लक्ष्मीकांत, शिव शंकर नाग, मोइनुद्दीन कुरैशी, रोशन सिंह, निखिल चंद्राकर, परेश कुर्रे, राहुल कुमार, वीरेंद्र जायसवाल, हेमंत जायसवाल और चंद्र प्रकाश जायसवाल जेल में बंद थे।

2 पूर्व मंत्रियों, विधायकों समेत 36 पर FIR

छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाले मामले में ED की रिपोर्ट पर ACB /EOW ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है, जिसपर एजेंसी जांच कर रही है। EOW की टीम एक और नई गिरफ्तारी की है।

कोल मामले में इन आरोपियों पर FIR
1. कवासी लखमा, विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री
2. देवेंद्र यादव, विधायक
3. अमरजीत भगत, पूर्व खाद्य मंत्री
4. बृहस्पत सिंह, पूर्व विधायक
5. गुलाब कमरो, पूर्व विधायक
6. शिशुपाल सोरी, पूर्व विधायक
7. चंद्रदेव प्रसाद राय, पूर्व विधायक
8. यूडी मिंज, पूर्व विधायक
9. समीर विश्नोई, निलंबित IAS
10. रानू साहू, निलंबित IAS
11. सौम्या चौरसिया, पूर्व उप सचिव, सीएम कार्यालय
12. संदीप कुमार नायक, सहायक खनिज अधिकारी
13. शिवशंकर नाग, खनिज अधिकारी
14. सूर्यकांत तिवारी, कोल कारोबारी
15. मनीष उपाध्याय
16. रौशन कुमार सिंह
17. निखिल चंद्राकर
18. राहुल सिंह
19. पारिख कुर्रे
20. मोइनुद्दीन कुरैशी
21. वीरेंद्र जायसवाल
22. रजनीकांत तिवारी
23. हेमंत जायसवाल
24. जोगिंदर सिंह
25. नवनीत तिवारी
26. दीपेश टांक
27. देवेंद्र डडसेना
28. राहुल मिश्रा
29. रामगोपाल अग्रवाल, तत्कालीन कोषाध्यक्ष, कांग्रेस
30. राम प्रताप सिंह, तत्कालीन प्रवक्ता कांग्रेस
31. विनोद तिवारी, पीईपी
32. इदरीश गांधी, पीईपी
33. सुनील कुमार अग्रवाल
34. जय
35. चंद्रप्रकाश जायसवाल
36. लक्ष्मीकांत तिवारी

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