कोरबा/पाली/बिलासपुर। 5 नवम्बर को गायत्री परिवार के प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ स्वावलंबन आंदोलन की विशाल कार्यशाला का आयोजन बिलासपुर में किया गया। कार्यशाला में बिलासपुर संभाग के उन सदस्यों का सम्मान किया गया, जो क्षेत्र में नवाचार एवं स्टार्टअप के माध्यम से आम जनता को आत्मनिर्भर बना रहा है।
नवाचार के माध्यम से किसान मुनागाडीह(पाली) निवासी रामफल पटेल ने क्षेत्र में खेती-किसानी में नवाचार के माध्यम से किसानों एवं सीमांत किसानों को हर्बल खेती के प्रति रूझान पैदा कर रहे हैं और धान के अलावा साग-सब्जी, दलहन, तिलहन खेती के प्रति जागरूकता फैला कर आत्म निर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के हाथों प्रगतिशील किसान का कई बार मिला अवार्ड
जिले में पाली निवासी रामफल पटेल वह नाम है, जो मध्यमवर्गीय किसान होने के बाद भी लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं। श्री पटेल ने अब तक 500 से अधिक किसानों को जोड़कर हर्बल खेती की ओर रूझान पैदा की और रासायनिक जहर से लोगों को बचा रहे हैं। हर्बल खेती की उनकी यह यात्रा लगातार हर वर्ष आगे बढ़ रही है। नवाचार के कारण उन्हें तात्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्री पटेल को प्रगतिशील किसान का अवार्ड देकर प्रदेश की राजधानी में सम्मानित किया। प्रदेश सरकार की मुखपृष्ठ जनमन में रामफल पटेल की सफलता की कहानी भी प्रकाशित हुई थी।
प्रधानमंत्री के किसान सम्मेलन में शामिल होने वाले कोरबा जिले के एक मात्र किसान हैं रामफल पटेल

अपने नवाचार के माध्यम से हर्बल खेती की ओर रूझान पैदा करने वाले रामफल पटेल कोरबा जिले के एक मात्र किसान हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशाल किसान सम्मेलन दिल्ली में शामिल हुए थे और प्रधानमंत्री ने उनसे सीधी बात भी की। कोरबा के लिए यह गर्व की बात है कि रामफल पटेल एक आम किसान हैं, लेकिन उनकी कृतित्व ने उनकी पहचान कोरबा से लेकर रायपुर और दिल्ली तक बनाई।
कोरबा ने पेश की कृषि की ताकत
11 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली में विशाल किसान सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें देश भर के किसान हजारों की संख्या में शामिल हुए। कोरबा जिले से रामफल पटेल का चयन हुआ और वे प्रधानमंत्री के किसान सम्मेलन में भाग लिया।
आकांक्षी जिला कोरबा ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी कृषि की ताकत दिखाई और कोरबा भी राष्ट्रीय मंच पर शामिल हुआ। किसान रामफल पटेल ने कोरबा का प्रतिनिधित्व किया और कोरबा कृषि की ताकत राजधानी दिल्ली में दिखाई। प्रदेश से इस सम्मेलन में कोरबा के अलावा जशपुर और दंतेवाड़ा भी शामिल हुआ। प्रदेश से तीन किसान प्रधानमंत्री की मौजूदगी में नवाचार का प्रदर्शन किया। रामफल पटेल ने कृषि में नवाचार का उल्लेख भी किया। कृषि उपसंचालक कोरबा देवेन्द्र कुमार कंवर, कृषि विज्ञान केन्द्र सुतर्रा कटघोरा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. तंवर भी रामफल पटेल के साथ प्रधानमंत्री धन धान्य योजना एवं दलहन आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम में शामिल हुए।
